मानसून के दौरान दूधसागर फॉल्स (Dudhsagar Falls) जाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! आज वहां जाने वाले पर्यटकों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पटरियों पर अपनी गश्त तेज कर दी है। गोवा-कर्नाटक सीमा के पास होने वाली सभी अवैध ट्रेकिंग को प्रशासन सख्ती से रोक रहा है। किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए यात्रियों को रेलवे लाइन से दूर रहने की सलाह दी गई है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) इस समय 'जन विश्वास अधिनियम' (Jan Vishwas Act) को सख्ती से लागू कर रहा है। इस कानून के तहत पूरे भारत में रेलवे संपत्ति पर बिना अनुमति प्रवेश (trespassing) करने पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी गई है। अधिकारी आज कैसल रॉक से कुलेम (Castle Rock to Kulem) सेक्शन के बीच कड़ी निगरानी रख रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य मानसून की भारी धुंध और कोहरे के दौरान पटरियों पर होने वाले हादसों को रोकना है।

दूधसागर फॉल्स पर मानसून का 'क्रैकडाउन', RPF वसूल रही भारी जुर्माना
घाट वाले इलाकों में अक्सर पर्यटक ट्रेन की रफ्तार का सही अंदाजा नहीं लगा पाते, जो जानलेवा साबित हो सकता है। यहां कोहरे और बारिश की वजह से कुछ ही मिनटों में विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य हो जाती है। आरपीएफ अब पटरियों के दूरदराज के हिस्सों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। इन कड़े उपायों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति झरने के खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश न करे।
आप इस 'मिल्की फॉल्स' का खूबसूरत नजारा केवल चलती ट्रेन की खिड़की से ही देख सकते हैं। दूधसागर पुल से गुजरने वाली ट्रेनें ही इसे देखने का सबसे सुरक्षित और एकमात्र कानूनी तरीका हैं। झरने के बेस (नीचे) या निचले हिस्से तक पैदल जाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है। मानसून के इस अनिश्चित और खतरनाक मौसम में लोगों की जान बचाने के लिए यह नीति अपनाई गई है।
सुरक्षित तरीके से लें मानसून का मजा, ये हैं दूधसागर के बेहतरीन विकल्प
प्रकृति प्रेमी दूधसागर के बजाय चोरला घाट (Chorla Ghat) या आंबोली (Amboli) जैसी सुरक्षित जगहों का रुख कर सकते हैं। इन इलाकों में आप बिना किसी कानूनी जोखिम के मानसून के शानदार नजारों का लुत्फ उठा सकते हैं। हरियाली के शौकीनों के लिए पास में स्थित तामड़ी सुरला (Tambdi Surla) भी एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि, अपनी ट्रिप प्लान करने से पहले स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनी जरूर चेक कर लें।
| यात्रा का विकल्प | वर्तमान स्थिति | खास सलाह |
|---|---|---|
| जीप सफारी | बंद | अक्टूबर तक रोक |
| रेलवे ट्रेक | प्रतिबंधित | RPF की सख्त गश्त |
| ट्रेन से नजारा | अनुमति है | विंडो सीट बुक करें |
घाटों के बीच ट्रेन का सफर ज्यादातर यात्रियों के लिए काफी किफायती रहता है। अधिकांश पैसेंजर ट्रेनें सुबह से दोपहर के बीच इस झरने के पास से गुजरती हैं। बजट में यात्रा करने वाले पर्यटकों को अपने साथ खाना और पानी जरूर रखना चाहिए। साथ ही, अचानक होने वाली भारी बारिश से बचने के लिए रेनकोट या छाता साथ रखना न भूलें।
जिम्मेदार पर्यटन ही यह सुनिश्चित करता है कि ये प्राकृतिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहें। नियमों का पालन करने से आप न केवल कानूनी पचड़ों से बचते हैं, बल्कि अपनी सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। मानसून की छुट्टियों का आनंद लेने के लिए हमेशा कानूनी विकल्पों को चुनें। अपडेट रहने से आपकी ट्रिप तनावमुक्त और मजेदार बनी रहेगी।



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