एसी मेट्रो में प्रतिकिमी औसतन 1 रुपए से भी कम की कीमत पर यात्रा। एसी मेट्रो का न्यूनतम किराया महज ₹5...। कोलकाता मेट्रो को ब्लू लाइन यानी नॉर्थ-साउथ मेट्रो कॉरिडोर, जो करीब 28 किमी लंबा है, का अधिकतम किराया मात्र ₹28 है। जी हां, यहीं कोलकाता मेट्रो की सबसे बड़ी खासियत है।
कहा भी जाता है कि कोलकाता एक ऐसी जगह है जहां सड़क पर सोने वाला मजदूर से लेकर लग्जरी होटल में खाने वाले लोग तक आसानी से अपना जीवनयापन कर सकते हैं। कोलकाता मेट्रो का किराया भी इस बात को सही साबित करता है। लेकिन...

ऐसा लगता है कि अब जल्द ही यह बीते जमाने की बात होने वाली है। अब दिल्ली मेट्रो की तरह ही कोलकाता मेट्रो में कदम रखते ही क्या ₹10 किराया चुकाना अनिवार्य होने वाला है?
दिल्ली मेट्रो प्रबंधन का कोलकाता मेट्रो को पत्र
मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों के अनुसार दिल्ली मेट्रो के संचालन के लिए जिम्मेदार दिल्ली मेट्रोरेल कॉर्पोरेशन ऑपरेशंस एंड सर्विसेज (DMRC) के निदेशक अमित कुमार जैन ने कोलकाता मेट्रो के जनरल मैनेजर पी. उदय रेड्डी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कोलकाता मेट्रो के संचालन-व्यवस्था, उसके रख-रखाव आदि की जिम्मेदारी उठाने के लिए DMRC ने अपनी दिलचस्पी जाहिर की है।
बताया जाता है कि अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति कर दिल्ली मेट्रो ने संचालन व्यवस्था में बड़ी सफलता हासिल की है। इसलिए अब उसी व्यवस्था को लागू करते हुए DMRC कोलकाता मेट्रो के संचालन व व्यवस्था, रख-रखाव आदि की जिम्मेदारी उठाना चाहता है।
कोलकाता मेट्रो का ऑपरेटिंग रेशियो है ज्यादा
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कोलकाता मेट्रो का ऑपरेटिंग रेशियो ज्यादा होने की वजह से खर्च संभालने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि कोलकाता मेट्रो में वित्तिय वर्ष 2022-23 का ऑपरेटिंग रेशियो 238 था। यानी अगर कोलकाता मेट्रो की आय ₹100 है तो खर्च ₹238। आय बढ़ाने के लिए कोलकाता मेट्रो प्रबंधन ने मेट्रो रेलवे का ब्रांडिंग शुरू किया था, जिसमें स्मार्ट कार्ड, मेट्रो रेक और स्टेशनों पर विज्ञापन आदि के लिए देना शुरू किया है।

इसके बदले में कोलकाता मेट्रो को ब्रांड किराया देते हैं। बताया जाता है कि दिल्ली मेट्रो के निदेशक अमित जैन के पत्र में कोलकाता मेट्रो को टेक्नीकल एक्सपर्टिज देने के साथ ही आर्थिक रूप से लाभप्रद संस्था के रूप में परिवर्तित करने में मदद करने का भी प्रस्ताव दिया है।
हालांकि अभी तक यह फैसला नहीं लिया गया है कि दिल्ली मेट्रो के प्रस्ताव को कोलकाता मेट्रो स्वीकार करेगी अथवा नहीं। अगर ऐसा होता है तो संभव है कि दिल्ली मेट्रो के तर्ज पर ही कोलकाता मेट्रो का न्यूनतम किराया भी ₹10 कर दिया जाए और धीरे-धीरे सभी रूट्स व स्टेशनों के लिए किराए में वृद्धि की जाए।
अगर कोलकाता मेट्रो को संचालन व्यवस्था के लिए दिल्ली मेट्रो को सौंपा जाता है तो निश्चित रूप से केवल किराया ही नहीं बल्कि यात्री सेवाएं भी उन्नत की जाएंगी। बहरहाल, यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि क्या कोलकाता मेट्रो की देख-रेख से लेकर संचालन तक में दिल्ली मेट्रो की छाप पड़ती है अथवा नहीं।



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