गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला आज 25 सितंबर से शुरू हो गया है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की है और कई प्रमुख रास्तों पर वन-वे व्यवस्था बनाई है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए गांधी मैदान में 2,500 बेड की क्षमता वाला भव्य टेंट सिटी तैयार किया गया है। वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने आज गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मेले के दौरान स्टेशन-बाटा मोड़-स्वराजपुरी-काशीनाथ-दिघी तालाब-राजेन्द्र आश्रम-एपीआर मॉल-नागमटिया लूप मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। बंगाली आश्रम की ओर से विष्णुपद और मंगलागौरी मंदिर वाले रास्तों पर केवल अनुमति प्राप्त वाहनों को ही जाने दिया जाएगा। गाड़ियों की पार्किंग के लिए सिकरिया मोड़ बस स्टैंड, गया कॉलेज मैदान, प्रेतशिला और केंडुई में व्यवस्था की गई है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, पंचायती अखाड़ा, कोलारा अस्पताल, भूसुंडा और सीताकुंड के पास भी पार्किंग बनाए गए हैं।

गया पितृपक्ष मेला: ट्रैफिक नियम, डायवर्जन और फ्री ई-रिक्शा सेवा
श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए 100 से अधिक फ्री ई-रिक्शा चलाए जा रहे हैं। ये ई-रिक्शा बंगाली आश्रम, विष्णुपद और चांदचौरा के हब से तीनों शिफ्टों में 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। प्रशासन ने स्थानीय वाहनों का किराया भी तय कर दिया है: गया से बोधगया का किराया 50 रुपये और विष्णुपद से चांदचौरा का किराया 40 रुपये रहेगा। भीड़ वाले दिनों में बैरिकेड्स के पास कतार में लगकर ही दर्शन के लिए आगे बढ़ें।
टेंट सिटी और श्रद्धालुओं के ठहरने के इंतजाम
गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में बेड, शौचालय, शुद्ध पेयजल और हेल्प डेस्क जैसी तमाम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पर्यटकों की सहायता के लिए सहायता केंद्रों का विस्तार किया गया है। किसी भी जानकारी या बुकिंग के लिए बिहार पर्यटन की हेल्पलाइन और गया जंक्शन व गया एयरपोर्ट स्थित पर्यटक सूचना केंद्रों की मदद ले सकते हैं। मेला कंट्रोल रूम और IVRS हेल्पलाइन पूरे मेले के दौरान 24 घंटे एक्टिव रहेगी। टेंट सिटी में जल्दी चेक-इन के लिए अपनी आईडी और जरूरी दवाएं साथ रखें।
बारिश का अलर्ट: पिंड दान के लिए सही समय कैसे चुनें
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आज गया और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। रविवार, 27 सितंबर से मौसम में सुधार की संभावना है, हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे। ऐसे में सुबह-सुबह पिंड दान और कर्मकांड पूरा करना सही रहेगा, क्योंकि इस दौरान आकाशीय बिजली का खतरा कम होता है और भीड़ भी कम रहती है। 25 और 26 सितंबर को अपने शेड्यूल में थोड़ा लचीलापन रखें और मौसम के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।
प्रमुख पिंड दान घाट और दर्शन का सही समय
| स्थान | कम भीड़ वाला समय (Off-peak slot) | पहुंचने के टिप्स |
|---|---|---|
| विष्णुपद मंदिर | सुबह 5:30 से 7:30 बजे | बंगाली आश्रम लूप के रास्ते प्रवेश करें; पार्किंग से शटल सेवा लें। |
| फल्गु घाट (सीता कुंड/रामशिला क्षेत्र) | दोपहर 12:30 से 2:30 बजे | रिवरसाइड बाईपास का उपयोग करें; सुबह 8 से 11 बजे की भारी भीड़ से बचें। |
गया जंक्शन या गया एयरपोर्ट से विष्णुपद ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट तक पहुंचने के लिए प्रीपेड ऑटो या ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें। किसी भी सहायता के लिए मेला कंट्रोल रूम के नंबर 9266628168 या 0631-2222333 पर संपर्क करें। इसके अलावा गया स्टेशन टूरिस्ट इंफार्मेशन सेंटर (9471006727) और गया एयरपोर्ट केंद्र (8544402441) पर भी कॉल कर सकते हैं। आपात स्थिति में 112 और एम्बुलेंस के लिए 108 पर तुरंत कॉल करें।
अपनी यात्रा के दौरान छाता, रेनकोट, आरामदायक जूते और पीने का पानी साथ रखें। रूट डायवर्जन के कारण यात्रा में 45 से 60 मिनट का अतिरिक्त समय लग सकता है। नियमों का पालन करें, गाड़ी पार्किंग में खड़ी करें और अंतिम दूरी तय करने के लिए ई-रिक्शा या शटल का सहारा लें। इस वीकेंड भारी भीड़ और बारिश की संभावना को देखते हुए, आसानी से पिंड दान करने के लिए सुबह जल्दी निकलना ही समझदारी होगी।



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