पहाड़ों की सैर कर आज दिल्ली लौट रहे पर्यटकों को भारी जाम का सामना करना पड़ सकता है। हरिद्वार प्रशासन ने आज सुबह से ही कई रास्तों पर रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। ऋषिकेश और मसूरी में वीकेंड पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि अपनी लंबी यात्रा शुरू करने से पहले सड़कों का ताजा हाल जरूर जान लें।
ऋषिकेश की ओर से आने वाले ज्यादातर वाहनों को अब चीला फॉरेस्ट रेंज की तरफ डायवर्ट किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि हर की पैड़ी जैसे व्यस्त इलाकों में भीड़ जमा न हो। दोपहर के समय भारी वाहनों की एंट्री पर भी सख्त पाबंदी रहेगी। आज घर लौट रहे यात्रियों को अपने सफर में करीब दो घंटे का अतिरिक्त समय लग सकता है।

हरिद्वार में रूट डायवर्जन: मसूरी, ऋषिकेश और नैनीताल से निकलने वालों के लिए खास टिप्स
भीषण जाम से बचने के लिए एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि हिल स्टेशनों से या तो सूरज निकलने से पहले निकलें या फिर देर रात का समय चुनें। इन घंटों में सफर करने से आप नो-एंट्री की पाबंदियों से बच सकेंगे। सुबह जल्दी निकलने का एक फायदा यह भी है कि आप मेरठ एक्सप्रेसवे तक काफी तेजी से पहुंच सकते हैं।
नैनीताल से आने वाले यात्रियों के लिए नेशनल हाईवे (NH) 9 का रास्ता ज्यादा बेहतर है। इस रूट पर आपको हरिद्वार शहर के ट्रैफिक और गंगनहर की भीड़ से नहीं जूझना पड़ेगा। वहीं, मसूरी से आने वाले लोग देहरादून के बाहरी रास्तों (पेरिफेरल रूट्स) का इस्तेमाल कर जाम से बच सकते हैं। नजीबाबाद कॉरिडोर का इस्तेमाल करना भी पर्यटकों के लिए समय बचाने वाला साबित होगा।
| मंजिल | जाम वाला मुख्य पॉइंट | बेहतर रास्ता |
|---|---|---|
| ऋषिकेश | हर की पैड़ी | चीला-नजीबाबाद |
| मसूरी | देहरादून एग्जिट | वेस्टर्न पेरिफेरल |
| नैनीताल | रामपुर क्रॉसिंग | मुरादाबाद बाईपास |
मसूरी, ऋषिकेश और नैनीताल के यात्रियों के लिए मानसून सेफ्टी टिप्स
हरिद्वार पार करने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) सबसे तेज कनेक्टिविटी देता है। एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से पहले अपनी गाड़ी का फ्यूल और टायर प्रेशर जरूर चेक कर लें। मानसून की बारिश के कारण इन हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। भारी बारिश के दौरान सुरक्षित सफर के लिए रफ्तार पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है।
जून के आखिर में नेशनल हाईवे नेटवर्क पर भारी बारिश होना आम बात है। ड्राइवर यह सुनिश्चित करें कि उनकी गाड़ी के वाइपर और फॉग लाइट बिल्कुल ठीक काम कर रहे हों। मोहंड और शिवालिक की पहाड़ियों के पास अचानक विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो सकती है। सड़क पर दूसरी गाड़ियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक लगाने पर हादसा न हो।
आज वीकेंड ट्रैफिक के जाल से बचने का इकलौता तरीका सही प्लानिंग है। निकलने से पहले स्थानीय मौसम रिपोर्ट और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें। जानकारी के साथ सफर शुरू करने से आपकी वापसी सुखद रहेगी। सुरक्षित ड्राइविंग और धैर्य ही आपके सफर के सबसे अच्छे साथी हैं।



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