अगर आप आज शिमला या मनाली जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो थोड़ा संभलकर रहें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य-पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम के इस अचानक बदलाव से प्रमुख टूरिस्ट रूटों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए सलाह दी गई है कि रात के बजाय दिन के उजाले में ही सफर करें। बदलते मौसम में सुरक्षित रहने के लिए अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी है।
IMD की यह चेतावनी कुल्लू, मंडी और शिमला जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के लिए 20 जून तक जारी की गई है। अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश की वजह से तंग घाटियों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने का खतरा है। पुलिस ने पर्यटकों को नदी के किनारों या ढलान वाली जगहों पर गाड़ी पार्क न करने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ों पर बढ़ते जोखिम को देखते हुए कई सैलानी अपने ट्रेकिंग प्लान पर दोबारा विचार कर रहे हैं। ऊंचाई वाले इलाकों की ओर निकलने से पहले स्थानीय खबरों की जानकारी जरूर लें।

हिमाचल में IMD का अलर्ट: शिमला-मनाली जाने वालों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी
नेशनल हाईवे-3 (NH-3) के मंडी-कुल्लू खंड पर ट्रैफिक बाधित होने की सबसे ज्यादा संभावना है। पंडोह डैम और '6-मील' के पास पहाड़ों से पत्थर गिरने (शूटिंग स्टोन्स) का डर बना रहता है। सड़क बहाली के काम की वजह से अक्सर यहां घंटों लंबा जाम लग जाता है। अगर मुख्य हाईवे पर भारी जाम मिले, तो मंडी-कटौला वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना समय बचा सकता है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए गूगल मैप्स चेक करते रहें।
| प्रभावित जिले | मौजूदा अलर्ट | सुरक्षा सलाह |
|---|---|---|
| शिमला और सोलन | येलो अलर्ट | रात में सफर से बचें |
| मंडी और कुल्लू | गरज-चमक/तूफान | NH-3 से दूर रहें |
| कांगड़ा और चंबा | बारिश का अलर्ट | मलबे और पत्थरों पर नजर रखें |
पहाड़ों पर अचानक रास्ता खाली करने की स्थिति में भारी सामान बोझ बन सकता है। इसलिए अपने इलेक्ट्रॉनिक्स और पहचान पत्रों के लिए एक छोटा वॉटरप्रूफ बैग हमेशा साथ रखें। अगर लैंडस्लाइड की वजह से हाईवे बंद हो जाए, तो किसी सुनसान जगह के बजाय नजदीकी कस्बे या शहर में रुकना ही समझदारी है। प्रशासन की प्राथमिकता NH-3 पर मेडिकल और जरूरी वाहनों को रास्ता देना होती है। मौसम की वजह से ट्रिप कैंसिल होने पर नुकसान से बचने के लिए अपने होटल की रिफंड पॉलिसी पहले ही चेक कर लें।
दिल्ली से आने वाले पर्यटकों के लिए उत्तराखंड के निचले इलाके जैसे मसूरी या परवाणू फिलहाल काफी स्थिर हैं। यहां लैंडस्लाइड के जोखिम के बिना आप पहाड़ों की ठंडक का लुत्फ उठा सकते हैं। अपने मोबाइल में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) का हेल्पलाइन नंबर हमेशा सेव रखें। किसी भी आपात स्थिति में 112 या HPSDMA कंट्रोल रूम से संपर्क कर मदद ली जा सकती है। याद रखें, जोखिम भरे रोमांच से कहीं बेहतर एक सुरक्षित सफर होता है।



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