पूर्वी जापान में आए उष्णकटिबंधीय तूफान 'चान-होम' (Chan-hom) के कारण आज कई उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि, अब मौसम थोड़ा शांत हुआ है, लेकिन टोक्यो के हवाई अड्डों पर उड़ानों की आवाजाही अभी भी बाधित है। टोक्यो के हानेडा (HND) एयरपोर्ट पर 60 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए उड़ानों के समय में अचानक बदलाव हो सकता है। ऐसे में भारत से जापान जाने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
दिल्ली (DEL) से टोक्यो के लिए सीधी उड़ानों के शेड्यूल में भी बदलाव किया गया है। एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस यात्रियों को लचीले विकल्प दे रही हैं। यात्री बिना किसी भारी जुर्माने या फीस के अपनी यात्रा की तारीखें बदल सकते हैं। इसके अलावा, इस खराब मौसम के दौरान सियोल या बैंकॉक होकर जाने वाली कनेक्टिंग उड़ानें भी एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।

जापान में आए तूफान से उड़ानें और ट्रेन सेवाएं कैसे हुईं प्रभावित?
तेज हवाओं का असर कांतो (Kanto) क्षेत्र में जापान रेल (JR) नेटवर्क पर भी पड़ा है। बुधवार को ट्रैक पर पेड़ गिरने की वजह से कई लोकल ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं। जोबान लाइन (Joban Line) पर सफर करने वाले यात्रियों को काफी देरी का सामना करना पड़ा। हालांकि, यात्री अपनी सीट रिजर्वेशन को बिना किसी शुल्क के बदल सकते हैं। इसके लिए आपको नजदीकी सर्विस काउंटर पर जाना होगा या फिर आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा।
कई ट्रैवल ऑपरेटर्स टिकट कैंसिलेशन पर पूरा रिफंड दे रहे हैं। यह नियम आज यानी 12 अगस्त के लिए बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा। अगर यात्री अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो वे पूरे रिफंड का दावा कर सकते हैं। इससे प्रभावित पर्यटकों को आर्थिक नुकसान नहीं होगा। हालांकि, इस छूट की पुष्टि सीधे अपने टिकट प्रोवाइडर या एयरलाइन से जरूर कर लें।
भारतीय यात्रियों के लिए रिफंड और रूट बदलने के जरूरी टिप्स
अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाती है, तो आप हॉन्गकॉन्ग के रास्ते जाने वाले दूसरे रूट चुन सकते हैं। इन ट्रांजिट हब से भारत के कई शहरों के लिए लगातार उड़ानें उपलब्ध हैं। एयरलाइंस की नीतियों के तहत यात्री 30 दिनों के भीतर मुफ्त में दोबारा बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, पार्टनर एयरलाइन में सीट बुक करने का विकल्प भी मौजूद है। जल्द से जल्द अपनी सीट पक्की करने के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
हमारी सलाह है कि आप तुरंत अपनी ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी की जांच करें ताकि ट्रिप में देरी होने पर मिलने वाले फायदों का पता चल सके। ज्यादातर पॉलिसियां खराब मौसम जैसी आपातकालीन स्थितियों में होटल में ठहरने का खर्च कवर करती हैं। बाद में इन खर्चों का क्लेम करने के लिए सभी बिल और रसीदें संभालकर रखें। इससे अचानक होटल में रुकने के खर्च को संभालना आसान हो जाएगा। साथ ही, क्लेम से जुड़े दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी रखने से पूरी प्रक्रिया काफी तेज हो जाती है।
| ट्रांजिट हब | कनेक्टिंग शहर | औसत लेओवर (समय) |
|---|---|---|
| सियोल | दिल्ली, मुंबई | 3 से 5 घंटे |
| हॉन्गकॉन्ग | दिल्ली, बेंगलुरु | 4 से 6 घंटे |
| बैंकॉक | दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु | 2 से 4 घंटे |
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) इस समय चक्रवात 'नानका' (Typhoon Nangka) पर भी नजर रख रही है। यह नया तूफान ओगासावारा द्वीप समूह के पास बना है, जो वीकेंड तक कांतो क्षेत्र की तरफ बढ़ सकता है। पर्यटकों को मौसम के बदलते मिजाज पर लगातार नजर रखनी चाहिए। रोजाना स्थानीय मौसम अपडेट देखने से आपकी जापान यात्रा सुरक्षित और आसान रहेगी।
तूफानी मौसम के दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने के लिए बेहद सावधानी और प्लानिंग की जरूरत होती है। तुरंत अपडेट पाने के लिए हमेशा अपनी एयरलाइन का मोबाइल ऐप डाउनलोड करके रखें। रिफंड और अन्य सहायता के लिए अपने लोकल ट्रैवल एजेंट के संपर्क में रहें। पहले से की गई तैयारी सफर में होने वाली किसी भी परेशानी को कम कर सकती है। सही प्लानिंग आपको ऐसे अनपेक्षित मौसम में भी तनावमुक्त रखेगी।



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