क्या आप भी इन दिनों पहाड़ों की ओर जाने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो सफर पर निकलने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें। मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार, 16 सितंबर के लिए उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 17 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। राज्य के प्रमुख रास्तों पर लैंडस्लाइड का खतरा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में आज ऊंचाई वाले इलाकों में धुंध, धीमी रफ्तार और बीच-बीच में ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है।
पहाड़ों के सफर में मौसम से ज्यादा सड़कों का हाल मायने रखता है। अच्छी खबर यह है कि 11 सितंबर को NH-3 पर देओध और हनोगी टनल खुलने से कुल्लू-मनाली जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन NH-5 पर परवाणू और ठियोग के पास बीते दो हफ्तों में कई बार लैंडस्लाइड हुआ है, जिससे लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ा। उधर, मसूरी के 'पानी वाला बैंड' के पास मरम्मत का काम चलने की वजह से वीकेंड पर भारी ट्रैफिक देखा गया। इसलिए सफर में कुछ एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलें और साथ में पानी व स्नैक्स जरूर रखें।

हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: जानें क्या है सफर का सही समय और रूट
पहाड़ों पर चढ़ाई के लिए तड़के निकलना सबसे बेहतर रहता है। कोशिश करें कि दोपहर होने से पहले पहाड़ी रास्तों का सफर तय कर लें, ताकि शाम की धुंध से बचा जा सके। गीले मोड़ पर गाड़ी की स्पीड धीमी रखें, क्योंकि तेज बारिश के बाद ऊपर से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। निकलने से पहले मौसम विभाग के तीन घंटे वाले 'नाउकास्ट' (nowcast) और जिलावार अलर्ट जरूर चेक करें और दोपहर में दोबारा अपडेट लें। अपनी लोकेशन परिवार या होटल वालों के साथ शेयर करें और बारिश के दौरान किसी भी अंजान शॉर्टकट पर जाने से बचें।
NH-3/NH-5, मसूरी-धनोल्टी और नैनीताल-कालाढूंगी का क्या है लेटेस्ट स्टेटस?
फिलहाल NH-3 सावधानी के साथ चालू है; नई टनल से ट्रैफिक तो आसान हुआ है, लेकिन मानसून के खतरे पूरी तरह टले नहीं हैं। NH-5 पर अब भी लैंडस्लाइड की आशंका बनी हुई है, जहां हालिया रुकावटों से लंबा जाम लगा था। देहरादून-मसूरी मार्ग खुला है, लेकिन क्षतिग्रस्त मोड़ों के पास पुलिस रुक-रुक कर गाड़ियां निकाल रही है। वहीं नैनीताल के भवाली में आज त्यौहार की वजह से रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इसलिए तल्लीताल और कालाढूंगी थाना के कंट्रोल रूम का नंबर संभालकर रखें और थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
ट्रेन, फ्लाइट और होटल बुकिंग: कैंसिलेशन और रिफंड के क्या हैं नियम?
अगर आपकी ट्रेन रेलवे सिस्टम में रद्द दिख रही है या तीन घंटे से ज्यादा लेट है, तो नियमों के तहत पूरा रिफंड मिल सकता है। खराब मौसम के कारण फ्लाइट्स में दिक्कत आने पर एयरलाइंस अक्सर री-बुकिंग या रिफंड पर लगने वाला शुल्क (weather waiver) माफ कर देती हैं; नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी यात्रियों की सुविधा से जुड़े नियमों पर जोर दिया है। होटल बुकिंग के लिए OTA प्लेटफॉर्म पर 'फ्री-कैंसिलेशन' वाले ऑप्शन चुनना ही समझदारी है, वरना होटल की अपनी पॉलिसी लागू होगी। किसी भी दावे के लिए अपनी सभी टिकटों और मैसेजेस के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
टॉय ट्रेन और रोप-वे सर्विस: जाने से पहले जरूर चेक करें ये अपडेट
ट्रैक को नुकसान पहुंचने के कारण कालका-शिमला टॉय ट्रेन की सेवाएं प्रभावित हुई थीं। हालांकि, धरमपुर-शिमला के बीच 5 सितंबर को सेवा बहाल कर दी गई थी, जबकि कालका से पूरी ट्रेन सेवा 13 सितंबर तक निलंबित रही थी। इसलिए आज का स्टेटस चेक करके ही यात्रा की योजना बनाएं। इसके अलावा, तेज हवाओं के दौरान सुरक्षा कारणों से रोप-वे को रोक दिया जाता है। नैनीताल का स्नो व्यू रोप-वे भी तेज हवाओं के दौरान रोक-रोक कर चलाया जाता है। ऐसे में समय से पहले पहुंचे और पैदल चलने का बैकअप प्लान भी तैयार रखें।



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