बेंगलुरु के लालबाग में चल रहे 'मैंगो और जैकफ्रूट मेला' (आम और कटहल मेला) की धूम अब अपने चरम पर है। अगर आप भी सीधे किसानों से ताजे फल और बेहतरीन डील्स चाहते हैं, तो जल्दी करें क्योंकि यह मेला 30 जून को खत्म हो रहा है। इस बॉटनिकल गार्डन में 400 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ताजे फल मिल रहे हैं। यह मेला गांव के किसानों और शहर के फल प्रेमियों के बीच एक पुल का काम कर रहा है। घूमने और खरीदारी के लिए यह बिल्कुल सही समय है।
सालाना लगने वाले इस मेले में कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों से आम की 30 से ज्यादा किस्में लाई गई हैं। यहां से खरीदारी करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मुनाफे का पूरा पैसा सीधे किसानों की जेब में जाता है। आज स्टॉल्स पर बादामी और मल्लिका जैसी लोकप्रिय किस्मों की काफी मांग है। खास बात यह है कि यहां फलों की कीमतें लोकल सुपरमार्केट के मुकाबले काफी कम हैं। यह आपको सीधे उन लोगों से जोड़ता है जो आपके लिए फल उगाते हैं।

दुर्लभ आम और लाल गूदे वाले कटहल का उठाएं लुत्फ
फलों के शौकीनों को यहां इमाम पसंद और शक्करगुट्टी जैसी दुर्लभ आम की किस्में जरूर तलाशनी चाहिए। इसके अलावा, मेले में सिद्दू और शंकर किस्म के कटहल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन कटहलों की खासियत इनका गहरा लाल गूदा और जबरदस्त मिठास है। ये खास जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग वाली किस्में हैं, जिनका स्वाद आपको आम दुकानों पर नहीं मिलेगा। हर स्टॉल पर आपको इन मौसमी खजानों को चखने का मौका भी मिल रहा है।
मेले तक पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है। लालबाग मेट्रो स्टेशन पास ही है, जिससे आप भारी ट्रैफिक और पार्किंग की झंझट से बच जाएंगे। अगर आप शांति से घूमना चाहते हैं, तो वर्किंग डेज (सोमवार से शुक्रवार) में सुबह जल्दी आना बेहतर रहेगा। यह गार्डन रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। यहां आप ताजी हवा के साथ-साथ फलों की खरीदारी का मजा ले सकते हैं।
लालबाग आम मेला: जरूरी जानकारी और शॉपिंग टिप्स
| फल की किस्म | कीमत (प्रति किलो) | बेहतरीन उपयोग |
|---|---|---|
| बादामी | 80 से 120 रुपये | स्लाइस और शेक के लिए |
| रसपुरी | 60 से 90 रुपये | पल्प और जूस के लिए |
| सिद्दू कटहल | 100 से 150 रुपये | सीधे खाने के लिए |
मानसून की शुरुआत को देखते हुए, व्यापारी साफ-सफाई का खास ख्याल रख रहे हैं। फलों के अलावा आप यहां से कटहल के चिप्स, पापड़ और वैक्यूम-पैक पल्प भी खरीद सकते हैं। पेमेंट के लिए अब ज्यादातर किसान UPI स्वीकार कर रहे हैं, जिससे लेनदेन काफी आसान हो गया है। अगर आप ज्यादा मात्रा में खरीदारी करते हैं, तो वहां मौजूद स्टाफ पैकिंग और शिपिंग में भी आपकी मदद कर सकता है।
लालबाग का यह मेला सिर्फ खरीदारी का जरिया नहीं, बल्कि कर्नाटक की खेती और यहां के स्वाद का एक शानदार उत्सव है। चाहे आप बेंगलुरु के निवासी हों या यहां घूमने आए हों, इस मेले में जाना एक यादगार अनुभव होगा। बस याद रखें कि अपने साथ कपड़े का थैला जरूर ले जाएं, क्योंकि बॉटनिकल गार्डन में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी है और यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा है।



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