इस शनिवार अलाप्पुझा की पुन्नामदा झील में 72वीं नेहरू ट्रॉफी बोट रेस का शानदार नज़ारा सजने जा रहा है। अगर आप भी बैकवॉटर के इस बड़े सांस्कृतिक रोमांच के साक्षी बनना चाहते हैं, तो जेब ढीली किए बिना यह मुमकिन है। किफ़ायती सफ़र और बजट होमेस्टे की मदद से इस इवेंट में शामिल होना बेहद आसान है। बस थोड़ी सी स्मार्ट प्लानिंग से आप बिना फालतू ख़र्च के इस ट्रिप का पूरा मज़ा ले सकते हैं।
अलाप्पुझा पहुँचने के लिए स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसें या लोकल पैसेंजर ट्रेनें सबसे किफ़ायती साधन हैं। केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) कोच्चि और तिरुवनंतपुरम से लगातार बसें चलाता है, जिनका एक तरफ़ का किराया आमतौर पर 200 से 500 रुपये ही होता है। बैकवॉटर के पास बजट होमेस्टे भी 1,000 से 3,000 रुपये के बीच आसानी से मिल जाते हैं। ऐन वक्त की आपाधापी से बचने और पैसे बचाने के लिए रिफ़ंडेबल स्टे की एडवांस बुकिंग कर लें। वहीं, रेस के दिन महंगे ऑटो के ख़र्चे से बचने के लिए टाउन सेंटर के पास ठहरना ही समझदारी होगी।

नेहरू ट्रॉफी बोट रेस: बजट ट्रैवल और टिकट की जानकारी
रेस के टिकट आप ज़िला पर्यटन संवर्धन परिषद (DTPC) के आधिकारिक काउंटरों से खरीद सकते हैं। जनरल लॉन टिकट लेकर आप स्नेक बोट्स के इस रोमांचक मुकाबले को बहुत कम ख़र्चे में देख सकते हैं। वहीं, बजट में बेहतर व्यू के लिए लकड़ी के बने ऊँचे स्टैंड्स भी अच्छा विकल्प हैं। भारी भीड़ से बचने के लिए सुबह 11 बजे से पहले ही एंट्री गेट पर पहुँच जाएँ। जल्दी पहुँचने पर आपको फिनिशिंग लाइन के पास खड़े होने की सबसे अच्छी जगह मिल जाएगी। मौसम को देखते हुए अपने साथ हल्की रेनकोट रखना न भूलें, क्योंकि बीच-बीच में मानसूनी फुहारें आ सकती हैं।
| ख़र्च की श्रेणी | अनुमानित बजट |
|---|---|
| KSRTC बस / ट्रेन किराया | ₹200 – ₹600 |
| होमेस्टे / हॉस्टल में ठहरना | ₹1,000 – ₹3,000 |
| जनरल गैलरी टिकट | ₹100 – ₹500 |
| खाना और शटल बोट | ₹300 – ₹500 |
रेस के दिन बेस्ट व्यूइंग स्पॉट्स और काम के बैकवॉटर हैक्स
वैलिड पास वाले दर्शकों के लिए मुफ़्त शटल नौकाएँ चलती हैं, जो आपको झील पार कराकर आइलैंड पवेलियन तक पहुँचाती हैं। समय से पहले नाव पकड़ने पर आपको फिनिशिंग प्वाइंट गैलरी में बैठने के लिए आरामदायक सीट मिल जाएगी। दर्शक चाहें तो तय किनारों के पास खड़ी शिकारा नावों से भी रेस का मज़ा उठा सकते हैं। माथा बोट जेट्टी के पास बने बजट फूड स्टॉल्स पर प्रामाणिक केरल का खाना बेहद सस्ते दामों में मिलता है। दोपहर में लंबे समय तक चलने वाले मुकाबलों के दौरान ये छोटे-छोटे स्टॉल्स फौरन एनर्जी पाने का सबसे बढ़िया साधन हैं।
ट्रॉफी सेरेमनी खत्म होते ही दूर-दराज़ से आए यात्रियों को तुरंत अपनी वापसी की तैयारी कर लेनी चाहिए। अलाप्पुझा स्टेशन से स्पेशल KSRTC बसें और अतिरिक्त ट्रेनें सीधे चलती हैं। इवेंट के बाद बैकवॉटर में छोटी कैनो (नाव) की सवारी आपकी शाम को सुकून से भर देगी। अगर सही समय और समझदारी से प्लानिंग की जाए, तो आप महज़ 5,000 रुपये के अंदर केरल की इस अनूठी संस्कृति का पूरा मज़ा ले सकते हैं।



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