क्या आप इस हफ्ते शिमला, नारकंडा, किन्नौर या स्पीति जाने का प्लान बना रहे हैं? तो यह खबर आपके काम की है। बुधवार, 9 सितंबर को थियोग के पास जनोग घाट पर रातभर हुए लैंडस्लाइड के बाद NH-5 पर स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। हालांकि राहत टीमों ने मंगलवार को मुख्य मलबा हटा दिया था, लेकिन आज सुबह भी गाड़ियों को रुक-रुक कर एक-एक लेन में निकाला जा रहा है, जिससे लंबा जाम लग सकता है। प्रभावित इलाके में ट्रैफिक धीरे-धीरे और काफिलों के रूप में आगे बढ़ रहा है।
यह समस्या हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग पर थियोग से ठीक आगे जनोग घाट के पास है। मंगलवार को कई घंटों की मशक्कत के बाद प्रशासन ने यातायात तो बहाल कर दिया था, लेकिन मलबे की सफाई का काम अब भी चल रहा है। इस वजह से पुलिस दोनों तरफ के वाहनों को बारी-बारी से एक-एक तरफ से छोड़ रही है। थियोग से आगे जाने के लिए कोई सीधा बाईपास नहीं है। अगर रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो जनोग घाट के पास जाम में फंसने से बेहतर होगा कि आप कुफरी या फागु से ही वापस लौट जाएं।

NH-5 थियोग लैंडस्लाइड अपडेट: पर्यटकों के लिए सलाह और बस-टैक्सी का स्टेटस
आज शिमला से नारकंडा का सफर तय करने में काफी ज्यादा समय लग सकता है और हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसें भी देरी से चल सकती हैं। पल-पल की ताजा जानकारी के लिए एक्स (X) पर हिमाचल पुलिस का हैंडल चेक करते रहें या HRTC इंक्वायरी पर कॉल करें। आपातकालीन और जरूरी संपर्क नंबर: इमरजेंसी 112, HRTC ISBT शिमला 0177-2657326 या 0177-2658765, HRTC हेल्पलाइन 1800-180-8185 या 1100, और सड़क बहाली की जानकारी के लिए HPPWD इंक्वायरी नंबर 0177-2888329।
| मार्ग / खंड | आज की संभावित स्थिति | सलाह |
|---|---|---|
| कुफरी–फागु–थियोग | जनोग घाट में जाम के चलते रुक-रुक कर रुकता ट्रैफिक | अगर रास्ता ज्यादा देर तक बंद रहे तो कुफरी या फागु से वापस मुड़ें |
| थियोग–नारकंडा | एक-एक लेन कर धीरे-धीरे निकाली जा रहीं गाड़ियां | साथ में पानी रखें, गाड़ियों के बीच दूरी बनाएं और ओवरटेक करने से बचें |
| नारकंडा–रामपुर–किन्नौर | रास्ता खुला है, मौसम के अनुसार जगह-जगह चेकिंग | सफर शुरू करने से पहले जिला कंट्रोल रूम से अपडेट लें |
| किन्नौर के रास्ते स्पीति (NH-5 से NH-505) | रास्ता खुला है, लेकिन बेहद संवेदनशील इलाका है | रोजाना स्टेटस चेक करें; बारिश में खतरा काफी बढ़ जाता है |
इस रूट पर डायवर्जन यानी दूसरे वैकल्पिक रास्ते बेहद सीमित हैं। थियोग से निकलने वाला नेशनल हाईवे 705 हाटकोटी और रोहड़ू की तरफ जाता है, जो नारकंडा या किन्नौर जाने के लिए कोई व्यावहारिक बाईपास नहीं है। थियोग-हाटकोटी-रोहड़ू मार्ग सेब उत्पादक इलाकों को जोड़ता है, न कि सतलुज कॉरिडोर को। इसीलिए शिमला या थियोग में ही अपनी गाड़ियों का फ्यूल फुल करा लें। जाम खुलने का इंतजार करते समय खाने-पीने के लिए आप कुफरी, फागु या नारकंडा के बाजारों का रुख कर सकते हैं।
मानसून का हाल और NH-5 पर सुरक्षित सफर के टिप्स
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, शिमला बेल्ट में 13-14 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि आज के लिए कोई बड़ा अलर्ट नहीं जारी किया गया है, फिर भी बारिश के कारण कटाव वाले इलाकों में भूस्खलन और पेड़ गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे पहाड़ी रास्तों को पार करने के लिए सुबह ढलने के बाद से दोपहर के बीच का समय ही चुनें और एक्स्ट्रा टाइम मार्जिन लेकर चलें। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भी पूरे राज्य में 14 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है।
अगर आप दिल्ली-एनसीआर या चंडीगढ़ से वीकेंड पर पहाड़ों की ओर ड्राइव कर रहे हैं, तो सुबह तड़के ही निकलें, रिफंडेबल होटल बुकिंग ही करें और रात के समय ढलान वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें। सेब का सीजन होने के चलते थियोग और नारकंडा के पास सेब से लदे ट्रकों की आवाजाही काफी बढ़ जाती है, जिससे बारिश या लैंडस्लाइड के बाद जाम और भी गंभीर रूप ले लेता है। ट्रैफिक अपडेट के लिए X पर @himachalpolice और @HrtcHp को फॉलो करें। साथ ही, रामपुर, किन्नौर या स्पीति की ओर जाने वाली इंटरसिटी बसों में चढ़ने से पहले HRTC हेल्पलाइन पर संपर्क जरूर कर लें।



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