क्या आप आज, 19 सितंबर को ऊटी या कुन्नूर की ट्रिप प्लान कर रहे हैं? अगर हां, तो थोड़ा संभलकर निकलें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नीलगिरी, कोयंबटूर, कृष्णगिरी और धर्मपुरी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस मिजाज को देखते हुए चेन्नई और बेंगलुरु से वीकेंड पर निकलने वाले यात्रियों को अपने ट्रैवल प्लान और रूट में थोड़ा बदलाव करने की सलाह दी गई है। बेंगलुरु में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है, जिससे शाम के वक्त सफर में परेशानी हो सकती है। इसलिए अपनी ट्रिप में थोड़ा एक्स्ट्रा टाइम मार्जिन लेकर चलें और निकलने से पहले लोकल अपडेट्स जरूर चेक कर लें।
रास्ते के शहरों का मिजाज देखकर निकलना समझदारी होगी। चेन्नई में आज शाम या रात को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि बेंगलुरु में भी बिजली कड़कने और एक-दो दौर की तेज बारिश की चेतावनी है। इसका सीधा मतलब है कि दिन के उजाले में ही सफर पूरा कर लें और मौसम बिगड़ने से पहले होटल चेक-इन कर लें। घाट सेक्शन में मौसम खराब होने या ट्रैफिक डायवर्जन की स्थिति के लिए अपने शेड्यूल को थोड़ा फ्लेक्सिबल रखें।

IMD का अलर्ट और ऊटी-कुन्नूर का सेफ ट्रैवल प्लान
इस वक्त सबसे ज्यादा बारिश का खतरा नीलगिरी जिले में है। हाल ही में हुए भूस्खलन के कारण नीलगिरी माउंटेन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सेवाएं ठप हो गई थीं और तेज बारिश में यह दोबारा बंद हो सकती हैं। इसलिए ट्रेन पर सवार होने से पहले स्टेटस जरूर जांच लें और सड़क मार्ग का विकल्प तैयार रखें। सफर के लिए NH 181 वाले कोटागिरी या कुन्नूर घाट रूट को प्राथमिकता दें। मसीनागुड़ी वाले कल्हट्टी के खतरनाक हेयरपिन मोड़ों से बचें, क्योंकि वहां पर्यटकों की आवाजाही पर अक्सर रोक लगा दी जाती है और गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
सुरक्षित विकल्प: येरकाड, हॉर्स्ले हिल्स और बीआर हिल्स
अगर आप रिस्क नहीं लेना चाहते, तो येरकाड बेहतरीन विकल्प है। आज वहां 'आंशिक रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश या गरज' का अनुमान है, जहां बिना किसी हेयरपिन मोड़ के तनाव के आप चाय के बागानों का लुत्फ उठा सकते हैं। वहीं तिरुपति के पास हॉर्स्ले हिल्स में रायलसीमा क्षेत्र के असर से आंधी-पानी की संभावना है, इसलिए सुबह का नाउकास्ट (तत्काल मौसम पूर्वानुमान) देखकर ही निकलें। वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए बीआर हिल्स (BR Hills) शांत सड़कों और कॉटेज स्टे का शानदार अनुभव देता है; बस ट्रैकिंग से पहले स्थानीय बारिश का हाल जान लें। ये तीनों ही जगहें आपको नीलगिरी के लैंडस्लाइड वाले जोखिम से बचाएंगी।
सबसे तेज रूट, घाट सेक्शन में सावधानियां और ट्रेन-बस के विकल्प
बेंगलुरु से ऊटी जाने के लिए मैसूर एक्सप्रेसवे पकड़ें और फिर नंजनगुड-गुंडलुपेट-गुडलूर वाला रास्ता लें। ध्यान रखें कि बांदीपुर जंगल वाला रूट रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहता है। वहीं चेन्नई से आने वालों के लिए मेट्टुपालयम तक नीलगिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12671) सबसे बेस्ट ट्रेन है; अगर टॉय ट्रेन बंद मिलती है, तो मेट्टुपालयम से टैक्सी ले लें। रात में सफर करने से पहले बांदीपुर और कल्हट्टी से जुड़ी ट्रैफिक गाइडलाइंस जरूर जांच लें।
19-20 सितंबर के लिए लास्ट-मिनट स्टे, पैकिंग और मानसून सेफ्टी टिप्स
आज और कल (19-20 सितंबर) के लिए अगर तुरंत स्टे बुक करना हो, तो येरकाड में 'सहाना कॉटेजेस', 'होटल शोभा', 'श्री सिल्वर इन एनेक्स', 'डिलाइट होम्स' और 'गोल्डन लेक व्यू' में कमरे उपलब्ध हैं। कोटागिरी में 'पेबल गार्डन कॉटेज' व 'माय स्पेस हॉलिडे इन', जबकि बीआर हिल्स में 'KSTDC मयूरा बिलिगिरी' और 'JLR के गुडी' अच्छे ऑप्शन हैं। पैकिंग में रेन जैकेट, अच्छी ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, ओआरएस (ORS), पैरासिटामोल, कैश और ऑफलाइन मैप्स जरूर रखें। तेज बारिश को ध्यान में रखते हुए अपने चेक-इन टाइम की पुष्टि पहले ही कर लें।
अगर ऊटी और कुन्नूर जाना ही है, तो सुबह-सुबह निकलें, सुरक्षित घाट रूट चुनें और खराब मौसम की स्थिति में बस या ट्रेन को प्लान-बी बनाकर रखें। वहीं अगर आप प्लान बदल सकते हैं, तो येरकाड या बीआर हिल्स का रुख करें, जहां कम चढ़ाई और बिना किसी झंझट के खूबसूरत वीकेंड का मजा लिया जा सकता है। आप आज या कल में से जो भी रास्ता चुनें, मौसम विभाग के लाइव अलर्ट और लोकल प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही अंतिम फैसला लें।



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