चिंतामण गणेश मंदिर, उज्जैन के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने के लिए अनेक भक्त प्रतिदिन इस मंदिर में आते हैं। चिंतामण एक प्राचीन हिंदु शब्द है जिसका अर्थ है ’चिंता से राहत’।
भक्तों की ऐसी मान्यता है कि गणेश भगवान दुख के समय उनके पास आने वाले प्रत्येक भक्त को राहत प्रदान करते हैं। मंदिर परिसर के साथ फतेहपुर रेलवे लाइन के बिल्कुल पास शिप्रा नदी बहती है। भक्तों के लिए मंदिर परिसर तक पहुँचने के लिए अनेक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। आप मंदिर तक निजी कार, बस, आटो रिक्शा तथा रेलगाड़ी से भी पहुँच सकते हैं।
यह मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से केवल 5 कि.मी. दूर है। स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है कि इस मंदिर में स्थित भगवान गणेश की मूर्ति स्वयंभू है। उनके दोनों ओर रिद्धि और सिद्धि विराजमान है जैसे कि वे उनकी पत्नियाँ हैं।



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