संजान वलसाड़ जिले का एक छोटा सा कस्बा है। यहीं से पारसी भारत में आए थे। ऐसा कहा जाता है कि संजान शहर की खोज पारसी (ईरान का एक प्रचीन धर्म) शरणार्थियों ने की थी, जो ईरान छोड़ने के लिए मजबूर किए जाने के बाद भारत आए थे। ऐसा माना जाता है कि आज के पारसी उन्हीं लोगों के वंशज हैं।
संजान में आप संजान मेमोरियल कॉलम देख सकते हैं। इसे भारत में पारसी के आगमन की स्मृति में 1917 में बनवाया गया था। संजान में पारसी के अस्तित्व का सही-सही पता लगाने के लिए 2002 से विशेषज्ञों द्वारा खुदाई का काम किया जा रहा है।



Click it and Unblock the Notifications