वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर एक हिंदू मंदिर है, जिसे प्रचीन गायक तानसेन के गुरू स्वमी हरिदास ने बनवाया था। भगवान कृष्ण को समर्पित इस मंदिर में राजस्थानी शैली की बेहतरीन नक्काशी की गई है। बांके का शब्दिक अर्थ होता है- तीन जगह से मुड़ा हुआ और बिहारी का अर्थ होता है- श्रेष्ठ उपभोक्ता।
इस आधार पर मंदिर में रखी कृष्ण की मुख्य प्रतिमा प्रसिद्ध त्रिभंगा मुद्रा में है। एक पौराणिक कथा के अनुसार मुगलकाल में एक हिन्दू पुजारी ने भगवान कृष्ण की इस प्रतिमा को जमीन के अंदर छुपा दिया था। कहा जाता है कि स्वामी हरिदास इधर से गुजर रहे थे और जिस जगह प्रतिमा छुपाई गई थी, उसी जगह आराम करने के लिए रुके।
सपने में उन्होंने देखा कि भगवान कृष्ण उनसे प्रतिमा निकालने के लिए कह रहे हैं। तब स्वामी हरिदास ने जमीन खोदकर वो प्रतिमा निकाली और एक मंदिर का निर्माण करवाया। यह मंदिर हिंदू धर्म में काफी पवित्र माना जाता है और यहां हर दिन हजारों श्रद्धालू आते हैं।



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