भगवान शिव को समर्पित गोविंद देव मंदिर एक जाना-माना मंदिर है। इसे गोविंद देव भी कहा जाता है। चूंकि कृष्ण ने अपने बचपन का काफी समय वृंदावन में गुजारा था, इसलिए यहां उन्हें और उनके जीवन को समर्पित कई मंदिर और तीर्थ स्थल हैं। गोविंद देव मंदिर हजारों व्यक्तियों के कठिन परिश्रम के बाद सात साल में बनकर तैयार हुआ था।
इसमें संगमरमर की वेदी और छत पर गढ़ा हुआ कमल इसकी खूबसूरती को बढ़ा देता है। हालांकि समय के साथ इस मंदिर का कुछ हिस्सा नष्ट हो गया, लेकिन इसका गौरव बरकरार रहा। आज यह विश्व भर के श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण स्थान है। जन्माष्टमी और होली के त्योहार पर मंदिर को रंग बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया जाता है।



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