नेटिवप्लैनेट की सीरीज़ "तस्वीरें आज की, कहानी कल की" में बात कर रहे हैं कोलकाता की एक खूबसूरत इमारत की।
क्या आप जानते हैं, कोलकाता, जो पहले कलकत्ता था, उसकी पहली तीन मंजिला इमारत कौन सी थी?
इसका जवाब आगे मिमलेगा, पहले जानिए इसके पीछे की कहानी-
1772 में कलकत्ता को राजधानी घोषित करने के बाद अंग्रेजों ने यहां इमारतें बनाने का कार्य तेज़ कर दिया।
अधिकारियों के घरों पर काम करने वाले नौकरों की संख्या अचानक बढ़ गई, क्योंकि बहुत सारे नौकर बाहर से लाये गये।
तभी अधिकारियों की नज़र एक निर्माणाधीन इमारत पर पड़ी, जिसका निर्माण 1690 में शुरू हुआ था।
देश-दुनिया के इंजीनियर, कारीगर इस इमारत को बनाने में लगे थे।
उनका काम देख कर सरकार ने तय किया कि इमारत के बनने के बाद यहां उनके नौकर रहेंगे।
1780 में यह इमारत बनकर तैयार हुई, जोकि कलकत्ता की पहली तीन मंजिला इमारत थी।
अंग्रेजों ने इसे नाम दिया "Writers Building" दरअसल अंग्रेज अपने नौकरों को राइटर कहते थे।
आज इसी बिल्डिंग में पश्चिम बंगाल सरकार अधिकारिक सचिवालय है जो राज्य के सभी छोटे-बड़े फैसलों का ब्योरा रखती है।