बनरगट्टा राष्ट्रीय उद्यान, बनरगट्टा के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। प्रकृति प्रेमियों को यहाँ अवश्य आना चाहिए। यह राष्ट्रीय उद्यान 104 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और अनेक प्रजाति के जानवरों, पक्षियों और पौधों का घर है। इस उद्यान की स्थापना 1971 में हुई थी और तब से यह बाघ, शेर और मगरमच्छों का भी घर है। जानवर जैसे गौर, जंगली कबूतर, हाथी, आलसी भालू, सियार, सांबर, चीता, काकड़, खरगोश और लोमड़ी भी इस उद्यान में देखे जा सकते हैं। विभिन्न प्रजाति की वनस्पतियाँ भी इस उद्यान की विशेषता है जिसके अंतर्गत चन्दन, जलारी, आलूबुखारा, इमली और चुज्जुल्लू आते हैं। बनरगट्टा राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख आकर्षण साँप उद्यान है। इस पार्क के अंतर्गत अनेकल श्रेणी के दस संरक्षित वन आते हैं जिनकी देखरेख बैंगलोर वन विभाग के द्वारा की जाती है। पर्यटक देश का पहला तितली पार्क भी घूम सकते हैं जो 7.5 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क की स्थापना कर्नाटक के चिड़ियाघर प्राधिकरण, कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय और पारिस्थितिकी और पर्यावरण के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए अशोक ट्रस्ट(एटीआरईई) के द्वारा 2006 में की गई। इस उद्यान में एक संग्रहालय, तितली संरक्षिका और एक दृश्य श्रव्य कमरा है। तितली की लगभग 20 प्रजातियों का घर , तितली उद्यान पॉलीकार्बोनेट की छत से घिरा हुआ है जो उष्णकटिबंधीय, आद्र और कृत्रिम जलवायु का निर्माण करते हैं।



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