नंदी हिल्‍स पर्यटन - इतिहास और प्रकृति का मिश्रण

नंदी हिल्‍स, बंगलौर से 60 किमी. की दूरी पर स्थित है जो समुद्र स्‍तर से 4,851 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। नंदी हिल्‍स, चिक्‍काबल्‍लापुर जिले में स्‍वांकी बंगलौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास में स्थित है जो इस स्‍थान को आकर्षक पर्यटन स्‍थल बनाता है। यहां तक पर्यटक आसानी से पहुंच सकते है।

नंदी हिल्‍स और उसके आसपास स्थित पर्यटन स्‍थल

नंदी हिल्‍स का इतिहास बेहद दिलचस्‍प है। इसकी उत्‍पत्ति के बारे में कई कहानियां प्रसिद्ध है। कुछ लोगों का मानना है कि इस पहाड़ी का नाम ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इसका आकार सोते हुए बैल की तरह है। इस पहाड़ी में अब तक पाएं गए सबूतों के आधार पर पता चलता है कि यह पहाड़ी चोल वंश के दौरान आंनदगिरि के नाम से जानी जाती थी।

इस पहाड़ी पर निर्मित मंदिरों में चोल वंश की झलक स्‍पष्‍ट रूप से देखने को मिलती है। नंदी हिल्‍स पर भारत की आजादी की लड़ाई के सबूत भी मिलते है, यहां टीपू सुल्‍तान ने एक दुर्ग भी बनवाया था, जिसे नंदीदुर्ग के नाम से जाना जाता है जो भारत की आजादी की लड़ाई का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है।

हालांकि यह 1791 में ब्रिटिश शासन तक गिर गया था। नंदी हिल्‍स की यात्रा आपके लिए यादगार हो सकती है। इसी स्‍थान पर टीपू सुल्‍तान लोगों को सजा - ए - मौत दिया करते थे और यहीं पर उनका ग्रीष्‍मकालीन महल हुआ करता था। यहीं पर एक ऐसा मार्ग भी था, जिसे गुप्‍त मार्ग के नाम से जाना जाता है और यहां से बचकर निकलने का रास्‍ता था।

यहां कई सुंदर मंदिर भी है जिनमें गवि वीरभद्र स्‍वामी मंदिर भी शामिल है। अमृत सरोवर वॉटर टैंक और होरटीकल्‍चर गार्डन यहां के प्रसिद्ध पिकनिक स्‍पॉट हैं। यहां आकर आप कई प्रकार की अन्‍य एक्‍टीविटी भी कर सकते है जैसे - पैराग्‍लाईडिंग और साइकि‍लिंग आदि।

नंदी हिल्‍स कैसे पहुंचे

नंदी हिल्‍स तक आसानी से रेल मार्ग, वायु मार्ग और सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। यहां तक पहुंचने के लिए कई साधन मौजूद है।

नंदी हिल्‍स की सैर का सबसे अच्‍छा समय

नंदी हिल्‍स की सबसे खूबसूरत दृश्‍यों को देखने के लिए आप मानसून के अलावा कभी भी आ सकते है। मानसून के दौरान यहां की यात्रा न करें।

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