Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल» बाड़मेर

बाड़मेर

9

बाड़मेर राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित एक प्राचीन शहर है। इस शहर को 13 वीं शताब्दी ईस्वी में बहाडा  राव जिन्हें बार राव के नाम  से भी जाना  जाता है  द्वारा स्थापित किया गया था। पहले बाड़मेर को बहाडमेर के नाम से जाना जाता था जिसका शाब्दिक अर्थ होता है बहाडा  का पर्वत किला, लेकिन समय के साथ साथ इसके नाम में कई परिवर्तन हुए और अब इसे बाड़मेर के नाम से जाना जाता है। राजस्थान का यह क्षेत्र अपने  समृद्ध हस्तशिल्प और पारंपरिक कला के कारण  दुनिया भर में जाना जाता है । विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों की उपस्थिति इस स्थान को आने वाले पर्यटकों में और भी लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनती  है।

इतिहास में एक झलक

प्राचीन इतिहास में बाड़मेर जिला एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । इस शहर ने अपनी धरती पर विभिन्न राजवंशों की कामयाबी और उनके नाश को देखा है । बताया जाता है की बाड़मेर के प्राचीन शहरों में खेड़, किराड़ू, पचपदरा, जसोल तिलवारा शेओ। बालोतारा और मल्लानी शामिल हैं।

1836 से पहले बाड़मेर में अधीक्षकों का शासन था उसके बाद यहाँ अंग्रेजों का शासन रहा । 1891 में बाड़मेर को जोधपुर के राज्य के साथ एकीकृत किया गया । 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद बाड़मेर जोधपुर से अलग हुआ और आज ये राजस्था के दो बिलकुल अलग अलग हिस्से हैं । आज बाड़मेर जिले में कई सारे ऐतिहासिक स्थल हैं जिनमें मल्लानी शिव, पचपदरा, सिवाना , चोहटन शामिल हैं ।

बाड़मेर की कला, शिल्प, संगीत एवं रचनात्मकता पर एक नजर

बाड़मेर शुरू से ही अपनी परंपरागत कला रूपों, शिल्प,  कढ़ाई के कारण भारत के साथ साथ ही विदेशों में जाना जाता है । बाड़मेर  लोक संगीत और नृत्य के साथ भी  जुड़ा हुआ है। बाड़मेर के लोक संगीतकार केवल एक विशेष समुदाय  से ताल्लुख न रखकर कई समुदायों से आते हैं जिनमें भोपा और ढोलियों का विशेष स्थान है । कहा जाता है की इनमें भोपा पुजारी गायक हैं जो युद्ध नायकों और देवताओं के बारे में गाते हैं । जबकि दूसरी तरफ ढोली मुस्लिम धर्म  के अनुनायी  हैं जो लोक संगीत और  गायन के माध्यम से अपनी जीविका चलाते हैं।

बाड़मेर कपडे और लकड़ी पर हाथ द्वारा  छपाई  के लिए भी प्रसिद्द है । यहाँ के लोग कितने रचनात्मक हैं इस बात का अंदाजा उनकी मिटटी की बनी झोपड़ियां देख के लगाया जा सकता है जिनमें इनके द्वारा कई अलग अलग लोक चित्रों की आकृतियाँ बनाई जाती हैं  ये आकृतियाँ इस बात को प्रदर्शित करती हैं की यहाँ के लोगों में कला के लिए अच्छी समझ है ।

बाड़मेर - राजस्थान की संस्कृति और विरासत का एक प्रतीक

बाड़मेर की यात्रा करने पर यहाँ आने वाले पर्यटक ग्रामीण सौंदर्य, संस्कृति और राजस्थान की विरासत की  पूरी खोज कर सकते हैं। यहाँ पर पर्यटकों  के लिए कई सारे आकर्षण मौजूद हैं जिनमें बाड़मेर किला रानी भातिअनी मंदिर, विष्णु मंदिर, देवका सूर्य मंदिर, जूना जैन मंदिर, सफ़ेद अखाड़ा प्रमुख हैं।

विभिन्न त्योहारों और मेलों को यहाँ के लोगों द्वारा  धूमधाम और हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है । रावल मल्लिनाथ की याद में मनाया जाने वाला मल्लिनाथ तिलवारा पशु मेला यहाँ के प्रमुख मेलों में शामिल है । वीरातारा मेला और बाड़मेर थार फेस्टिवल यहाँ के अन्य प्रमुख मेले हैं जिन्हें यहाँ के लोगों द्वारा बहुत ही प्रमुखता दी जाती है।

बाड़मेर पहुंचना

बाड़मेर भारत के सभी हिस्सों से रेल, सड़क और वायुमार्ग से आसानी से जुड़ा है। इस कारण यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है । बाड़मेर तक आसानी से पहुँचने के लिए यहाँ के  रेलवे स्टेशन को छोटी लाइन के माध्यम से जोधपुर रेलवे स्टेशन से भी जोड़ा गया है। राजस्थान के किसी भी हिस्से से यहाँ आने के लिए आने वाले पर्यटकों को बसें और टेक्सियाँ बड़ी ही आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। जोधपुर हवाई अड्डा यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा है जो बाड़मेर से 220 किलोमीटर की दूरी  पर स्थित है।  

बाड़मेर जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है इस दौरान यहाँ का मौसम राजस्थान घूमने के लिए बिलकुल अनुकूल होता है।

 

बाड़मेर इसलिए है प्रसिद्ध

बाड़मेर मौसम

बाड़मेर
32oC / 90oF
  • Sunny
  • Wind: WSW 24 km/h

घूमने का सही मौसम बाड़मेर

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें बाड़मेर

  • सड़क मार्ग
    बाड़मेर से सड़क मार्ग द्वारा राजस्थान के अलग अलग शहरों में जाया जा सकता है । यहाँ पर हर समय बस और टैक्सियाँ उपलब्ध हैं जिनसे पूरे राजस्थान में आसानी के साथ विचरण किया जा सकता है।
    दिशा खोजें
  • ट्रेन द्वारा
    बाड़मेर रेलवे स्टेशन अच्छी तरह से मीटर गेज रेल गाड़ियों से जोधपुर शहर के लिए जुड़ा हुआ है। भारत के सभी प्रमुख शहरों के लिए विभिन्न गाड़ियां जोधपुर से उपलब्ध हैं।
    दिशा खोजें
  • एयर द्वारा
    जोधपुर हवाई अड्डा बाड़मेर से 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है,जो बाड़मेर का निकटतम घरेलू हवाई अड्डा है। ये हवाई अड्डा इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से फ्लाईट के माध्यम से जुड़ा हुआ है । यहाँ से बाड़मेर जाने के लिए टेक्सियाँ उपलब्ध है।
    दिशा खोजें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
23 Nov,Sat
Return On
24 Nov,Sun
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
23 Nov,Sat
Check Out
24 Nov,Sun
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
23 Nov,Sat
Return On
24 Nov,Sun
  • Today
    Barmer
    32 OC
    90 OF
    UV Index: 9
    Sunny
  • Tomorrow
    Barmer
    28 OC
    83 OF
    UV Index: 9
    Partly cloudy
  • Day After
    Barmer
    27 OC
    81 OF
    UV Index: 8
    Partly cloudy

Near by City