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खीचन - एक रेगिस्तानी गाँव जो क्रेनों को आश्रय देता है

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खीचन एक रेगिस्तानी गाँव है जो राजस्थान के जोधपुर जिले में जोधपुर शहर से  150 किमी पश्चिम में स्थित है।  फलोदी, 4.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो यहाँ का निकटतम कस्बा है। बीते कुछ वर्षों से यहाँ के गावों में रह रहे लोगों ने यहाँ आ रही क्रेनों को दाना खिलाने का एक नया प्रचलन शुरू कर दिया है जिसे काफी सराहा जा रहा है ज्ञात हो की ये क्रेनें दूर साईबेरियाई देशों से प्रवास करके जाड़े के मौसम में यहाँ आती हैं।

एक ऐसा बार्डिंग डेस्टिनेशन जिसे पूरी दुनिया जानती है

कुछ वर्षों पहले, स्थानीय लोगों ने पक्षियों से प्रेम करने वाले मारवाड़ी समुदाय के लोगों के साथ मिलकर इन पक्षियों को रोज सुबह अनाज खिलाने की शुरुआत की थी जिसके चलते यहाँ आने वाली क्रेनों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। यहाँ के स्थानीय निवासी इन क्रेनों को कुर्जा के नाम से पुकारते हैं। चूंकि अनाज खिलाने के कारण इन क्रेनों की मात्रा में इजाफा हुआ है अतः अब ये आदत यहां के लोगों के जीवन का हिस्सा है वे रोज सवेरे इन क्रेनों को दाना खिलाते हैं। बताया जाता है की खीचन में हर रोज 5000 किलोग्राम दाने का इस्तेमाल इन क्रेनों को खिलाने के लिए किया जाता है।  

पक्षियों को प्यार करने वाले लोगों में व्यापक रूप से लोकप्रिय इस गाँव को एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान तब मिली जब इस गाँव का जिक्र एक प्रसिद्द पत्रिका "बार्डिंग वर्ल्ड" में किया गया पत्रिका ने अपने एक अंक में एक लेख छापा था खीचन - कान्य क्रेनों का गाँव पत्रिका में इस लेख के आने के बाद ये गाँव लोगों के बीच ये गाँव कुछ ज्यादा ही लोकप्रिय हो गया है।  

यहाँ इन पक्षियों के संरक्षण के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों से चंदा लिया जाता है जिसका पूरा लेखा जोखा कुर्जा संरक्षण विकास संस्थान , पक्षी चुघा घर खीचन रखता है। साथ ही ये संस्थान इन पक्षियों के संरक्षण का भी काम करता है। इस संस्थान की स्थापना का प्रमुख उद्देश इन पक्षियों को भोजन और सुरक्षा प्रदान करना था। यहाँ का एक और संस्थान मारवाड़ी क्रेन फाउंडेशन भी इन पक्षियों की रक्षा के लिए इस संस्थान की पूरी मदद करता है।

खीचन को राजस्थान सरकार के द्वारा एक पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया गया है। इस स्थान का दौरा इंटरनेशनल क्रेन फाउंडेशन के निदेशक द्वारा किया जा चुका है ये वो संस्था है जो पक्षियों के रख रखाव में मारवाड़ी क्रेन फाउंडेशन की मदद करती है।

खीचन पहुंचना

इस स्थान पर रेल रोड और वायु के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकता है । यहाँ के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जोधपुर हवाई अड्डा है जो यहाँ से 150 किलोमीटर की दूरी पर है। जबकि यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन फलोदी है जो यहाँ से 4.5 किलोमीटर की दूरी पर है । इस गाँव में रोड के माध्यम से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है।

खीचन जाने का सबसे अच्छा समय जाड़े का समय है इस दौरान यहाँ का मौसम ठंडा और खुशनुमा होता है। 

 

खीचन इसलिए है प्रसिद्ध

खीचन मौसम

घूमने का सही मौसम खीचन

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें खीचन

  • सड़क मार्ग
    खीचन अच्छी सडकों द्वारा राजस्थान के अलग अलग हिस्सों से जुड़ा हुआ है और यहाँ आसानी से जाया जा सकता है।
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  • ट्रेन द्वारा
    खीचन का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन फलोदी है जो यहाँ से 4.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । ये स्टेशन बड़ी लाइन पर दिल्ली - जयवाल्कर और बीकानेर - जैसलमेर के रूट पर स्थित है । दिल्ली और जैसलमेर के लिए यहाँ से हर समय ट्रेनें उपलब्ध रहती हैं।
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  • एयर द्वारा
    खीचन से जोधपुर हवाई अड्डा 150 किलोमीटर की दूसरी पर स्थित है। हवाई अड्डे से खीचन आने के लिए टैक्सियाँ हर समय उपलब्ध रहती हैं। यहाँ का हवाई अड्डा नयी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और जयपुर स्थित सांगानेर हवाई अड्डे, से अलग अलग फ्लाईट के माध्यम से जुड़ा हुआ है।
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