किसी संग्रहालय में आप जो देखना चाहते हैं, वो सब कुछ इस संग्रहालय में मिलेगा। चित्रों से लेकर सिक्कों तक, संगीत वाद्ययंत्र से लेकर कलात्मक नक्काशी मूर्तियों तक और प्राचीन लिपि एवं कलाकृतियां यहां देख सकते हैं। गुजरात के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक हमीरसार झील के पास स्थित है, यह निक्षेपागार नई कलाकृतियों को प्रदर्शित करने के लिये 1884 में महारो खेगारजी तृतीय के विवाह क दौरान अस्तित्व में आया।
कच्छ संग्रहालय सिर्फ 1 शताब्दी ई. के क्षत्रप शिलालेख की सबसे बड़े संग्रह के लिए ही नहीं जाना जाता है, बल्कि यह भी अस्तित्वहीन कच्छी लिपि के विभिन्न शिलालेख यहां हैं। और अधिक क्या है, यह संग्रहालय भारत का पहला ऑनलाइन होने वाला संग्रहालय है, जो वर्ष 2010 में ऑनलाइन किया गया था।



Click it and Unblock the Notifications