सेक्टर 23 के बाल भवन में स्थित इंटरनेशनल डॉल्स म्यूजियम का संचालन इंडियन काउंसिल ऑफ चाइल्ड वेलफेयर, चंडीगढ़ द्वारा किया जाता है। 1985 में इसकी स्थापना बच्चों के मनोरंजन को ध्यान में रख कर की गई थी। इसमें गुड़ियों और कठपुतलियों का दिलचस्प कलेक्शन है।
इन गुड़ियों का संबंध जर्मनी, स्पेन, कोरिया, डेनमार्क, नीदरलैंड और रूस सहित 25 से ज्यादा देशों से है। भारतीय गुड़ियों के लिए एक अलग सेक्शन है। इसमें मौजूद गुड़ियों ने अलग-अलग राज्यों की परंपरागत परिधान पहनी हुई हैं। इन गुड़ियों का पहनावा ऐसा है, जिससे यह किसी कथा की परि जैसी लगती है, जो कि इस इंटरनेशनल डॉल म्यूजियम की सबसे बड़ी खासियत है।
मनोरंजन के लिए यहां एक ट्राय ट्रेन भी है, जिसकी सवारी करके आप म्यूजियम के अलग-अलग सेक्शन घूम सकते हैं। वैसे तो यह म्यूजिम सातों दिन खुला रहता है, पर रविवार को छुट्टी होने के कारण यहां बड़ी संख्या में बच्चे आते हैं। वैसे बड़ों के लिए यहां कुछ खास है नहीं, फिर भी आप चाहें तो इसे घूम सकते हैं।



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