इरप्पू झरना, दक्षिण कूर्ग में ब्रह्मागिरि रेंज की पहाडि़यों में स्थित है जो ब्रह्मागिरि वन्यजीव अभयारण्य के एक ओर स्थित है। इस झरने को लक्ष्मण तीर्थ झरने के नाम से भी जाना जाता है जो लक्ष्मण तीर्थरिवर के पास में स्थित है जो कावेरी नदी की सहायक नदी है। यह झरना, 60 फीट से बहने वाली नदी का स्त्रोत है। यह विराजपेट से 48 किमी. की दूरी पर स्थित है और मादीकेरी से इसकी दूरी 80 किमी. है।
यह झरना, नागरहोल मार्ग पर स्थित है और यह वायनाड़ जिले के काफी नजदीक स्थित है।विख्यात रामेश्वर मंदिर भी इस झरने के पास स्थित है। कुछ विद्धानों का मानना है कि माता सीता की खोज में भगवान राम और लक्ष्मण भी यहां आएं थे, यहां आकर भगवान राम को प्यास लगी और उन्होने लक्ष्मण को पानी लाने के लिए कहा।
भगवान राम की प्यास बुझाने के लिए लक्ष्मण ने धरती पर तीर मारा और वहां से पानी निकलने लगा। इसीकारण, इसे लक्ष्मण तीर्थ झरना भी कहा जाता है। यहां वाले श्रद्धालुओं को इस झरने पर धार्मिक विश्वास है और उन लोगों का मानना है कि इस झरने में स्नान करने से समस्त पाप धुल जाते है।
महाशिवरात्रि के दौरान इस झरने पर भारी भीड़ जमा होती है। पश्चिम घाट की अन्य धाराओं की तरह यहां भी मानसून में पानी की मात्रा ज्यादा होती है। इस झरने तक पहुंचने के लिए कुछ सीढि़यां भी है जिसकी सहायता से झरने तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस झरने का दृश्य बेहद सुंदर होता है, आसपास स्थित वृक्ष काफी सुंदर और मनोरम दृश्य प्रदान करते है।



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