तडियाण्डमोल पर्यटन - कर्नाटक की दूसरी सबसे बड़ी पर्वत चोटी

तडियाण्डमोल कर्नाटक की दूसरी सबसे बड़ी पर्वत चोटी है। पश्चिमी घाट में स्थित यह चोटी कूर्ग जिले के कक्काबे कस्बे में के नजदीक ही है। यह केरल- कर्नाटक बॉर्डर के दायें स्थित है और समुद्र तल से 1748 मीटर की ऊंचाई पर है। इस ऊंचाई के कारण यह पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स के लिए एक चुनौती पेश करती है।

तडियाण्डमोल के नजदीकी पर्यटन स्थल

तडियाण्डमोल शब्द मलयालम भाषा से निकला है जिसका अर्थ है सबसे बड़ा पर्वत। जो लोग इसकी चढ़ाई करने में असमर्थ हैं वे आधी दूरी तक जाने के लिए चार पहिया वाहन की मदद ले सकते हैं जो कि आधी दूरी तक जाते हैं। फिर भी इसकी अंतिम चढ़ाई ज्यादा मुश्किल भरी है लेकिन इस चोटी से जो मनोरम दृश्य आप देखेंगे वो आपकी सारी थकान उतार देगा।

पहाड़ी की तलहटी में नलकनाड पैलेस है जिसका ऐतिहासिक महत्त्व भी है। इसका निर्माण 1792 में डोडा वीर राजेंद्र ने अपनी सेना के शरण के लिए बनाया था। चोटी से कुछ किमी पहले ट्रेकर्स इग्गूथप्पा मंदिर में रुक सकते हैं। इस जगह पर यह एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। चोटी की ढलानों पर शोला नामक जंगल है जो कि प्राचीन और अद्भुत है।

तडियाण्डमोल कैसे पहुंचे?

तडियाण्डमोल केरल और कर्नाटक दोनों जगहों से सुगम है। सबसे नजदीकी एयरपोर्ट बैंगलोर है जो कि तडियाण्डमोल से 321 किमी दूर है और सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भी बैंगलोर ही है जो कि 263 किमी है। बैंगलोर से तडियाण्डमोल के लिए टैक्सियां भी उपलब्ध हैं जिनसे पहुँचने में 5 घंटे का समय लगता है।

तडियाण्डमोल घूमने का सबसे उत्तम समय

गर्मियों का समय तडियाण्डमोल की यात्रा के लिए सबसे आदर्श समय है।

 

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