सेंट फ्रांसिस चर्च का निर्माण सन् 1894 में हुआ था जिसकी पहल डलहौजी के पर्यटन स्थलों द्वारा ही की गई थी। इस चर्च की वास्तुकला इंग्लैंड के प्रसिद्ध चर्च से मेल खाती हुई बनाई गई थी। इस चर्च के निर्माण के लिए आवश्यक पूंजी सेना के अधिकारियों और क्षेत्र के नागरिकों ने एकत्र की थी। वर्तमान में चर्च का रखरखाव और प्रंबधन जालंधर के कैथोलिक सूबा द्वारा किया जाता है। चर्च में कांच और पत्थर का सुंदर काम किया गया है जिसकी ओर पर्यटकों का ध्यान अपने आप चला जाता है।
हर रविवार को चर्च में एक आयोजन मनाया जाता है जिसमें काफी जनता एकत्र होती है और भाग लेती है। यह चर्च डलहौजी के सुभाष चौक से 1 किमी. की दूरी पर स्थित है। पर्यटक यहां से बस या टैक्सी से आ सकते है। पूरे चर्च को घूमने में लगभग एक घंटे का समय लगता है। इस चर्च के पास में ही अन्य गंतव्य स्थल के रूप में सेंट एंड्रयू चर्च और सुभाष बाओली स्थित है।



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