प्रागपुर - गांव की एक सैर

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प्रागपुर,हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है जो  समुद्र स्तर से 1800 फीट की ऊंचाई पर है। यह गांव हिमाचल का मुख्‍य पर्यटन स्‍थल है। हिमाचल सरकार ने इस गांव को 1997 में एक विरासत गांव घोषित कर दिया था। दो जुड़वा गांव गर्ली-प्रागपुर को 2002 में विरासत क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। प्रागपुर में कई ऐतिहासिक और धार्मिक मान्‍यता वाले स्‍थल हैं जहां जाकर पर्यटक सैर कर सकते है।

इस गांव के मध्‍य में ताल नाम का एक तालाब स्थित है जो आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण का मुख्‍य केंद्र है। इस ताल के पास में ही गांव का राधाकृष्‍ण का मंदिर, निहार भवन और नउन भी बने हैं। यहां का भूटानी निवास 100 साल पुराना है जो पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है। इसके अलावा प्रागपुर का जज कोर्ट भी देखने लायक है जो भारत - यूरोप शैली में बना हुआ है। प्रागपुर में धूनीचंद भरदाईल सराई भी पर्यटकों को लुभाता है। इन सभी के अलावा प्रागपुर में आने वाले पर्यटक वजेश्‍वरी, ज्‍वालामुखी और चिंतपूर्णी मंदिरों में भी दर्शन के लिए जा सकते है। यह मंदिर भारत के चुनिंदा धार्मिक स्‍थलों में से हैं।   

इस गांव में लोहरी प्रमुख त्‍यौहार है जिसे सूर्य के दक्षिणी गोलार्द्ध से लेकर उत्‍तरी गोलार्द्ध तक आने के दौरान मनाया जाता है। इस दौरान काफी पर्यटक उत्‍सव का आनंद उठाने यहां आते है। सितम्‍बर के महीने में यहां अन्‍य त्‍यौहार के रूप में कुश्‍ती समारोह का भी आयोजन किया जाता है। प्रागपुर जाने के लिए यातायात के सभी साधन उपलब्‍ध है।

यहां आने के लिए पर्यटक हवाई यात्रा, रेल यात्रा और सड़क यात्रा कर सकते हैं। प्रागपुर में एयरपोर्ट नहीं है इसलिए हवाई यात्रा करने वाले पर्यटक शिमला के रास्‍ते प्रागपुर तक आ सकते है। शिमला से प्रागपुर की दूरी लगभग 203 किमी. है। शिमला एयरपोर्ट से भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्‍ली, कलकत्‍ता और मुम्‍बई आदि के लिए उड़ाने भरी जाती हैं।

शिमला एयरपोर्ट को जब्‍बरहट्टी एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। एयरपोर्ट से प्रागपुर तक आने के लिए कैब या टैक्‍सी को हायर करना होगा। प्रागपुर का निकटतम रेलवे स्‍टेशन ऊना है जो इस विरासत गांव से 67 किमी. की दूरी पर स्थित है। ऊना रेलवे स्‍टेशन भारत के कई शहरों से भलीभांति जुड़ा हुआ है। जो पर्यटक सड़क यातायात के साधनों से आना चाहते है वह बस सेवा का लाभ उठाएं। राज्‍य में कई बसें भी गांव के लिए चलती हैं। चंडीगढ़ और पठानकोट से प्रागपुर गांव के लिए बस मिल जाती है। वैसे अमृतसर से आने वाले पर्यटक भी सड़क मार्ग से 190 किमी. का सफर तय करते हुए बस से प्रागपुर तक पहुंच सकते है। 

प्रागपुर की जलवायु साल भर समशीतोष्‍ण ही रहती है। गर्मियो के दौरान आसपास के अन्‍य क्षेत्रों के मुकाबले यहां का तापमान मध्‍यम रहता है। 32 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच का टेंपरेचर शरीर को गर्म नहीं होने देता। मानसून में यहां भारी बारिश होती है इसलिए इस दौरान आने वाले पर्यटकों को रेन गियर साथ लाने की सलाह दी जाती है। सर्दियों में यहां का मौसम सामान्‍य रहता है। न्‍यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। प्रागपुर में सर्दियां अक्‍टूबर से फरवरी तक होती है। प्रागुपर भ्रमण करने का उत्‍तम समय गर्मियों या मानसून के दौरान होता है इस मौसम में तापमान सुखद रहता है।

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