वैभव वाटर पार्क 20 एकड़ के भू-भाग पर फैल हुआ है। यह दमन से करीब पांच किमी दूर कंता वापी रोड पर स्थित है। यह सुरम्य पार्क चीकू, नारियल और आम के वृक्षों से घिरा हुआ है। इस पार्क में मनोरंजन और एडवेंचर के तमाम साधन मौजूद हैं। यहां 36 तरह की वाटर राइड की सुविधा...
जैमपोरे बीच दमन का सबसे मनमोहक बीच है। बीच को पसंद करने वालों के लिए यह सुरम्य बीच छुट्टियां मनाने की अच्छी जगह हो सकती है। यहां का वातावरण काफी शांत है और यहां प्रकृति काफी विनम्र मालूम पड़ती है। जैमपोरे बीच पर कैजुआरीना के वृक्षों का विहंगम उपवन है। इसकी...
देवका बीच दमन के सुरम्य बीचों में से एक है। यह नानी दमन से करीब तीन मील की दूरी पर है। इस शांतचित और खूबसूरत बीच पर चलते समय जब समुद्र की ठंडी लहरें हमारे पैरों से टकराती है, तो यह अनुभव कभी न भूलने वाला साबित होता है।
जब लहरें ज्यादा ऊंची नहीं होती हैं, तो...
पुरानी मोती दमन किले में स्थित चैपल ऑफ आवर लेडी ऑफ रोजरी को पुर्तगालियों ने 17वीं शताब्दी में बनवाया था। यह दमन के पुराने धार्मिक स्थलों में से एक है। गौथिक स्टाइल का यह भवन एक बड़े से चौकोर पर बना है। इसमें प्रचीन पुर्तगाली निवासियों के कब्र के पत्थर भी देखे जा...
दमन में दो प्रकाश स्तंभ हैं। दोनों ही दमनगंगा खाड़ी के पास मोती दमन किले के परिसर में है। इनमें से एक को पुरान प्रकाश स्तंभ और दूसरे को नया प्रकाश स्तंभ कहते हैं। पुर्तगालियों द्वारा बनाया गया पुराना प्रकाश स्तंभ इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है।...
चैपल ऑफ आवर लेडी ऑफ रेमिडीज मोती दमन किले के बाहरी क्षेत्रों में स्थित है। इसका निर्माण 1607 में पुर्तगाली गवर्नर और कैप्टन द्वारा करवाया गया था। इस चर्च की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रवेश द्वार है। इस पर एक चमचमाता हुआ सफेद क्रॉस है, जिस पर कुछ फूल बने हुए हैं। साथ...
चैपल ऑफ आवर लेडी ऑफ ऑगसटियस मोती दमन किले के ठीक बाहर फुटबॉल मैदान के पास स्थित है। यह पुर्तगालियों द्वारा दमन में बनाया गया सबसे पुराना चर्च है। इसका इतिहास 1510 ईस्वी के आसपास से मिलता है, जब पुर्तगाली कमांडर अल्फोंसो डी अल्बुकर्क ने बीजापुर के सुल्तान को हराया...
मोती दमन किला का निर्माण पुर्तगालियों द्वारा 1559 में किया गया था। मुगल सेना के आक्रमण से बचने के लिए बनाया गया यह किला 30 हजार वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
किले में ढेर सारे तोप रखे हुए हैं। हर तोप के मुख पर क्रेस्ट और इसके निर्माण का साल...
इसे नानी दमन का किला भी कहा जाता है। सेंट जेरोम किला नानी दम के पास दमनगंगा नदी के उत्तरी किनारे पर स्थित है। हालांकि यह किला अपेक्षाकृत छोटा है, पर इसका प्रवेश द्वार बेहद विशाल है। यह किला करीब 12,250 वर्ग मीटर में फैला हुआ है।
दरवाजे के सामने सेंट जेरोम...
यह चर्च मोती दमन में स्थित है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह चर्च बोम जीजस को समर्पित है। इसका निर्माण कार्य 1559 में शुरू किया गया था और 1603 में इसका अभिषेक किया गया। पुर्तगाली जब यहां शुरू-शुरू में आए थे तब यह चर्च सिर्फ पादरियों का धार्मिक स्थल हुआ करता...