एक काल में दंता परमार वंश की एक रियासत था, जो अग्निवंशी राजपूत के वंश के थे। भारत की स्वतंत्रता के बाद, दंता भारत के राज्य के साथ विलीन कर दिया गया। दंता, राजस्थान और गुजरात की सीमा पर बने बनासकांठा जिले का एक शहर है। इस शहर से अहमदाबाद की दूरी दक्षिण में 161 कि.मी की है। राजपरिवार के सदस्य अभी भी इस स्थान पर रहते हैं और हर साल नवरात्रि की पूजा दंता के महाराणा द्वारा की जाती है। राजस्थान के माउंट आबू के निकट, दंता का राजपरिवार “भवानी विला विरासत होमस्टे” नामक एक होमस्टे चलाते हैं।
दंता और उसके आस पास के पर्यटक स्थल
दंता और उसके आस पास अंबाजी मंदिर, पाटन में रानी की वाव, खंड़ित जैन मंदिर, वड़नगर की स्मारकें, कोटेश्वर मंदिर, मोदेरा सूर्य मंदिर, तरंगा और कुंभारिया जैन मंदिरों और धारोय बांध जैसे स्थान हैं। पश्मीना ओढ़नी, पीतल के गहने, सुसंस्कृत गजदंत चित्र आदि जैसे स्मृति चिन्ह यहां पाया जा सकते हैं। बलराम अंबाजी वन्यजीव अभयारण्य भी एक भ्रमण स्थल है। नील-गाय जैसे जानवर, जंगली मुर्गी और स्पर मुर्गी, तीतर, मोर, बटेर जैसे विभिन्न प्रकार के पक्षी तथा जंगली सूअर, सियार, लोमड़ी, जंगली बिल्ली, लकड़बग्घा, तेंदुआ, स्लॉथ भालू और साही जैसे खूँखार जानवर इस अभयारण्य में देखे जा सकते हैं।
दंता का मौसम
दंता का मौसम गर्मियों को छोड़कर अन्य मौसम में दंता का वातावरण शीलवंत बना रहता है। गर्मियों में मौसम बहुत गर्म रहता है लेकिन मानसून और सर्दियों का मौसम एक अच्छा पर्यटन अनुभव प्रदान करता है।
कैसे पहुंचे दंता
दंता की सैर की योजना बनाने वाले यात्री हवाई, रेल और सड़क मार्ग द्वारा दंता पहुंच सकते हैं।



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