राष्ट्रीय प्राणी उद्यान या दिल्ली चिड़ियाघर एक प्रकृति आरक्षण साइट है जो 214 एकड़ जमीन पर बना है। ये चिड़ियाघर दिल्ली में पुराने किले के पास स्थित है। इस चिड़ियाघर में 130 प्रजाति के लगभग 1350 अलग अलग जानवर हैं जिसमें से कई सारे जानवर दूसरे देशों से भी मगाए गए हैं
इस चिड़ियाघर को 1 नवंबर, 1959 को प्रमुख चिड़ियाघर के रूप ,में स्थापित किया गया था जिसका बाद में नाम बदलकर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान कर दिया उस समय ऐसा माना जा रहा था की देश के दूसरे चिड़ियाघर इसका अनुसरण करेंगे और ये स्थान भारत के अन्य चिड़ियाघरों के लिए एक उदाहरण होगा। इस चिड़ियाघर को खोलने का मुख्य उद्देश्य यहाँ आने वाले लोगों को प्रकृति के संरक्षण के बारे में जानकारी देना था जिससे लोग जागरूक हो सकें। दिल्ली स्थित इस चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटक काई जानवर देख सकत हैं जिनमें चिंपांज़ी, मकड़ी बंदर, अफ्रीकी जंगली भैंस, गिर शेर, मकाक, बाँटेंग, अक्ष हिरण, परती , मोर शामिल हैं। साथ ही इस चिड़ियाघर में साँपों और काई सारे सरीसृप का एक विशाल संग्रह है जो भूमिगत है। इन सब के अलावा यहाँ आने वाले पर्यटकों को चिड़ियाघर रॉयल बंगाल टाइगर, भारतीय गैंडा, दलदल हिरण, एशियाई शेर, भौंह अनटलेरेड हिरण और लाल जंगली मुर्गी के संरक्षण के बारे में कई सारी जानकारियां भी देता है।
ये चिड़ियाघर शुक्रवार को छोड़कर सभी दिन खुला रहता है। गर्मियों के दौरान यह 08:30 से 17:30 तक और सर्दियों के दौरान 9:30 से 04:30 तक खुलता है। आने वाला पर्यटक अगर भारतीय है तो यहाँ प्रवेश के लिए 5 रुपए जबकि विदेशी पर्यटक को चिड़ियाघर के अन्दर प्रवेश के लिए 100 रुपये का प्रवेश शुल्क देना होता है। चिड़ियाघर में पर्यटकों के लिए जलपान की भी व्यवस्था है इस चिड़ियाघर के अन्दर सस्ती दर वाला कैफेटेरिया मौजूद है।



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