द्वारका में स्थित यह स्थान बहुत रोचक है जिसकी सैर अवश्य करना चाहिए। सोमनाथ से उत्तर की ओर एक तीर्थ स्थान है जिसे भलका तीर्थ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ एक शिकारी ने अनजाने में कृष्ण के पैर में बाण मारा था जिसके कारण कृष्ण की मृत्यु हुई और बाद में कृष्ण के अवतार हुए।
इस मंदिर के परिसर में तुलसी का एक पौधा है जिसे भगवान की स्मृति में लगाया गया है। इसके पास ही देहोत्सर्ग तीर्थ है। ऐसा माना जाता है कि यह वही स्थान है जहाँ भगवान कृष्ण का अंतिम संस्कार किया गया था। भलका तीर्थ में भगवान कृष्ण की एक मूर्ति है जो यह दर्शाती है कि उनकी मृत्यु एक शिकारी के बाण से हुई थी जिसने भगवान कृष्ण को गलती से एक हिरन समझ लिया था।
सोमनाथ मंदिर से एक किलोमीटर की दूरी पर एक रोचक स्थान है जिसे बलदेव गुफा कहा जाता है। किवदंती है कि भगवान कृष्ण की मृत्यु के बाद उनके बड़े भाई बलराम/ बलदेव एक सफ़ेद नाग के रूप में इस गुफा से एक काल्पनिक दुनिया में गायब हो गए थे जिसके लिए उन्हें शेषनाग (नागों के भगवान) का अवतार कहा गया।



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