लक्कुंडी, गडग में एक छोटा सा गांव है, जो कुकनूर से करीब 50 किमी दूर है। इस जगह कई खंडहर बन चुके मंदिरों के लिये जानी जाती है, जिनका निर्माण चालुक्य काल के दौरान किया गया था। इन मंदिरों में से कुछ अभी भी संरक्षित हैं, जैसे मल्लिकार्जुन मंदिर, सोमेश्वरा मंदिर, नीलकंठेश्वरा मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर लक्कुंडी के सभी मंदिरों में सबसे प्रसिद्ध है, जिसे मंदिरों का स्वर्ग के रूप में भी जाना जाता है। मंदिर में एक दूसरे की ओर मुख किये हुए दो धर्मिक स्थल हैं, जो भगवान शिव और भगवान सूर्य को समर्पित हैं। लक्कुंडी के मंदिर सदियों पुरानी होयसल और चालुक्य की मंदिर वास्तुकला का जीता जागता सबूत हैं। गांव अपनी 101 सीढ़ियों वाली दीवारों और अति सुंदर मंदिर शिलालेख के लिए प्रसिद्ध है।
लक्कुंडी गडग के दक्षिण पूर्व में सिर्फ 11 किलोमीटर दूर है। आप इस मंदिर तक बस से बहुत कम समय में पहुंच सकते हैं, क्योंकि रास्ते में यातायात बहुत कम होता है। यात्री दंबल या गडग से लक्कुंडी के लिये ऑटो रिक्शा या टैक्सी ले सकते हैं।



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