उगरातारा मंदिर को उगरो तारा मंदिर भी कहा जाता है। देवी काली को समर्पित यह मंदिर उजान बाजार स्थित जोर पुखुरी के पश्चिमी छोर पर स्थित है। उगरातारा मंदिर असम में धार्मिक आस्था का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। चूंकि यह गुवाहाटी शहर के बीचों-बीच स्थित है, इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।
ऐसा माना जाता है कि पार्वती की एक अन्य रूप देवी उगरा तारा इसी मंदिर में रहती है। मंदिर के गर्भ गृह में देवी की कोई प्रतिमा नहीं है। इसके स्थान पर पानी से भरा एक छोटा सा गड्ढा है जिसे देवी समझ कर उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर का संबंध बौद्ध धर्म से भी है, जिससे बौद्ध धर्म के लोग भी इस मंदिर को काफी पवित्र मानते हैं।
1725 में अहोम राजा शिव सिंह द्वारा बनाया गया यह मंदिर एक महत्वपूर्ण शक्ति तीर्थस्थल है। गुवाहाटी के अन्य स्मारकों की तरह ही यह मंदिर भी 1897 के भूकंप में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। कई बार इस मंदिर का नवीनीकरण किया गया, जिससे यह आज गुवाहाटी की शान बढ़ा रहा है।



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