हाजो, असम का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। हाजो में आपको दुनिया के तीन महत्वपूर्ण धर्म - हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और इस्लाम का एक अनूठा संगम देखने मिलेगा, जो हाजो पर्यटन का एक महत्वपूर्ण स्वरुप है। इस स्थान पर हिंदू देवी देवताओं को समर्पित कई सारे मंदिर हैं, तथा भगवान बुद्ध और विशिष्ट मुस्लिम संतों के पवित्र स्थान भी यहां मौजूद हैं।
असम की राजधानी के निकट स्थित होने के कारण यहाँ तक पहुंचना बहुत आसान है साथ ही यह स्थान काफी लोकप्रिय है। यह छोटा सा शहर असम के कामरुप जिले में विशाल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा है। हाजो शहर के इतिहास के बारे में कई अलग-अलग बातें कही जाती हैं।
माना जाता है कि यह छोटा सा शहर कोच राजवंश की राजधानी था, जो बाद में मुगलों के अधीन हो गया। सदियों से, हाजो अलग अलग नामों से जाना जाता रहा है। 11 वीं सदी में यह शहर अपूर्णाभाव और मणिकुटा के नाम से जाना जाता था, फिर 18 वीं सदी में यह मणिकुटग्राम के नाम से जाना जाने लगा। दूसरी ओर, बौद्धों का यह मानना है कि हाजो में ही भगवान बुद्ध को निर्वाण प्राप्त हुआ।
हाजो और उसके आस पास के पर्यटक स्थल
हयाग्रिवा माधव मंदिर, हाजो के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मुसलमान श्रद्धालू हाजो के पोवा मक्का में शीर्ष नमाने आते हैं। गणेश मंदिर, केदारेश्वर मंदिर, कामेश्वरी मंदिर, धोपारगुरी सत्रा और जोय दुर्गा मंदिर हाजो में देखे जाने वाले अन्य प्रमुख स्थान हैं। ये स्थान हाजो पर्यटन के महत्वपूर्ण स्वरुप हैं।
कैसे पहुंचें हाजो
हाजो शहर गुवाहाटी से केवल 25 कि.मी की दूरी पर स्थित है। गुवाहाटी से हाजो जाने के लिए नियमित बसों की सेवा उपलब्ध है।
हाजो का वातावरण
गर्मियों में हाजो का मौसम अपने शिखर पर रहता है। गर्मियों में यहां का वातावरण बहुत गर्म और नमी भरा रहता है और सर्दियों में वातावरण सामान्य बना रहता है। शरद ऋतु का मौसम हाजो की सैर के लिए बहुत अच्छा है।



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