शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित हनुमान ताल एक झील है। जबलपुर के 52 झीलों में से 13 सूख चुके हैं। हालांकि हनुमान ताल को सरकार ने अभी तक बचाए रखा है। यह झील बड़ी तेजी से शहरीकरण की चपेट में आ रहा है और बढ़ती आबादी से भी इसे गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, खूबसूरती के अलावा यह झील धार्मिक श्रद्धा से भी जुड़ा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान हनुमान ने इस स्थान पर कदम रखा तो वहां से पानी निकलने लगा, जिससे इस झील का निर्माण हुआ। तभी से इस हनुमान ताल के नाम से जाना जाने लगा।
हनुमान ताल मंदिर और मस्जिदों से घिरा होने के कारण एक संवेदनशील स्थान है। प्रसिद्ध बेवहर परिवार ने हनुमान ताल के किनारे पर एक घाट का निर्माण करवाया और बाद में उसे दान कर दिया। जबलपुर ट्रिप के दौरान इस झील का भ्रमण करना बेकार नहीं जाएगा।



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