जबलपुर के इतिहास में तिलवारा घाट का विशेष महत्व है। यह नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित है। यही वह जगह है जहां महात्मा गांधी की राख को विसर्जित किया गया था। उनके श्रद्धांजली स्वरूप यहां पर एक गांधी स्मारक भी बनाया गया है। आजादी की लड़ाई के दौरान गांधी जी तीन बार जबलपुर में रुके थे और निष्ठापूर्वक इस घाट का भ्रमण किया था।
तिलवारा घाट को गंगा जितना ही पवित्र माना जाता है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालू डुबकी लगाते हैं। तिलवारा घाट पर 1939 में लोकमान्य तिलक ने एक विशाल जन समूह को संबोधित भी किया था। तब से इस स्थान को तिलक भूमि के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा राजनीति के क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने भी इस स्थान का भ्रमण किया है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।



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