पक्षियों के लिए स्वर्ग भिंडावास पक्षी अभ्यारण्य झज्जर से 15 किमी दूर है और दिल्ली से यहां पहुंचने में करीब 3 घंटे का समय लगता है। यह करीब 1074 एकड़ भूभाग पर फैला हुआ है। यहां का खूबसूरत झील इसका प्रमुख आकर्षण है, जहां करीब 35000 प्रजाति के प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें से 250 प्रजातियां विश्व के अलग-अलग हिस्सों की होती हैं।
440 एकड़ में फैले झील पर 12 किमी का एक बांध बनाया गया है। बांध का उद्देश्य झील के पानी को रोकना है। बिजली गुल होने के कारण जब लिफ्ट सिस्टम फेल हो जाता है, तो झील का पानी एक सुरंग के जरिए जवाहर लाल नेहरू केनाल से बाहर निकलने लगता है। इस अभ्यारण्य का परिस्थितिकीय महत्व भी है, क्योंकि विश्व विख्यात राजस्थान का भरतपुर पक्षी अभ्यारण्य में जल स्तर काफी कम हो रहा है।
अभ्यारण्य का विहंगम झील आंखों को सुकून पहुंचाने वाला होता है। झील में कई छोटे-छोट टापू हैं, जिस पर पक्षियों का झुंड आकर बैठता है। दूर तक फैले पानी की अगर आप अच्छी फोटोग्राफी करना चाहते हैं तो फिर इसके लिए आपको पॉवरफुल लैंस की जरूरत पड़ेगी।



Click it and Unblock the Notifications