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झाँसी टूरिज़्म  – रानी लक्ष्मीबाई की भूमि

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झाँसी को उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रवेशद्वार कहा जाता है। चंदेलवंश के शासन के दौरान इसका वैभव अधिक था परंतु 11 वीं शताब्दी के आसपास उनके साम्राज्य के पतन के बाद इसकी चमक कम होती गई। 17 वीं शताब्दी के दौरान राजा बीर सिंह देव के शासनकाल के दौरान इसका पुन: उत्थान हुआ – ऐसा माना जाता है कि यह राजा मुग़ल बादशाह जहाँगीर के निकट था।

झाँसी मुख्य रूप से रानी लक्ष्मीबाई के कारण प्रसिद्ध है जिन्होनें स्वतंत्रता के लिए 1857 में अंग्रेज़ों के विरुद्ध पहली लड़ाई लड़ी। उनका विवाह झाँसी के राजा गंगाधर से हुआ था परंतु उन्हें कभी बच्चे नहीं हुए| अंग्रेज़ इस तथ्य के आधार पर उनका शोषण करके उन्हें सत्ता से हटाना चाहते थे परंतु 1857 में झाँसी किले पर कब्ज़ा करने के प्रयत्न का उन्होंने विरोध किया।

इस युद्ध में वे अपने दत्तक पुत्र के साथ भाग निकलने में सफ़ल रही और जब वे ग्वालियर में अपनी सेना से मिलने जा रही थी तब उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें भारत के जॉन ऑफ आर्क के नाम से जाना जाता है। इस इतिहास के अलावा झाँसी अब झाँसी त्योहार के लिए भी जाना जाता है जो प्रतिवर्ष फरवरी – मार्च में आयोजित किया जाता है।

झाँसी में तथा इसके आसपास पर्यटन स्थल

झाँसी के अधिकाँश आकर्षण ऐतिहासिक प्रकृति के हैं। प्रमुख आकर्षण झाँसी का भव्य किला है जहाँ रानी लक्ष्मीबाई और ब्रिटिश सेना में युद्ध हुआ था। आप परिछा का भ्रमण भी कर सकते हैं जो एक सुन्दर बांध है और जिले की कॉलोनी का नाम भी है जो मंदिर, मस्जिद और एक बौद्ध मठ के लिए प्रसिद्ध है। झाँसी संग्रहालय की सैर आपको इस क्षेत्र के वैभवशाली इतिहास का दर्शन कराती है।

जैसा की नाम से पता चलता है कि रानी महल रानी लक्ष्मीबाई का महल था और यह वही स्थान है जहाँ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई व्यक्तित्व रानी से मिलते थे। बेतवा नदी के किनारे स्थित बरुआ सागर झील भी दर्शनीय है। इसके पास ही चिरगांव है जो प्रसिद्ध कवि मैथिली शरण गुप्त का जन्म स्थान है। ओरछा अपने किले के लिए प्रसिद्ध है जबकि झाँसी के सिविल लाइंस में स्थित सेंट जुडेस चर्च कैथोलिक ईसाईयों के लिए लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

झाँसी में रहते हुए आप अनेक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं जिसमें महाराजा गंगाधर राव की छतरी, गणेश मंदिर और महालक्ष्मी मंदिर शामिल हैं। वर्तमान में ही प्रारंभ हुआ झाँसी महोत्सव आपको इस क्षेत्र की कला और शिल्प का आनंद उठाने का अवसर प्रदान करता है।

झाँसी कैसे पहुंचे

झाँसी तक रास्ते, रेलमार्ग और हवाई मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर है।

झाँसी की सैर के लिए उत्तम समय

नवंबर से मार्च के बीच का समय झाँसी की सैर के लिए उपयुक्त है।

झांसी इसलिए है प्रसिद्ध

झांसी मौसम

घूमने का सही मौसम झांसी

  • Jan
  • Feb
  • Mar
  • Apr
  • May
  • Jun
  • July
  • Aug
  • Sep
  • Oct
  • Nov
  • Dec

कैसे पहुंचें झांसी

  • सड़क मार्ग
    There is no route available in झांसी
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  • ट्रेन द्वारा
    झाँसी भारत के अन्य प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट रेल सेवा द्वारा जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन झाँसी छावनी रेलवे स्टेशन है। भारत की सबसे तीव्र रेल सेवा शताब्दी एक्सप्रेस भी यहाँ उपलब्ध है।
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  • एयर द्वारा
    निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर हवाई अड्डा है जो लगभग 98 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहाँ से झाँसी पहुँचने के लिए आप सार्वजनिक परिवहन की बस या किराये की टैक्सी ले सकते हैं।
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