बलुये पत्थर से बने मन्दिर कोप्पल की भूमि की खास पहचान हैं। कोप्पल बैंग्लोर से 300 किमी से ज्यादा की दूरी पर स्थित है और शहर के मन्दिरों का धार्मिक के साथ-साथ इसकी स्थापत्य कला का भी महत्व है। इस छोटे से शहर में साल भर पर्यटक यहाँ के शानदार अतीत की देखने के लिये आते हैं।
कोप्पल के आकर्षणों पर एक नजर – पर्यटक स्थान
क्षेत्र में गंगा, होयसाल वंशो तथा चालुक्यों का शासन रहा है। हाल ही में यह हैदराबाद के निज़ाम के अधीन रहा है। कोप्पल की स्थापत्य कला इसके समृद्ध विभिन्नता को दर्शाता है।
कोप्पल का महादेव मन्दिर काफी प्रभावशाली है और अपने शानदार नक्काशी के लिये जाना जाता है। इस मन्दिर को चालुक्यों द्वारा निर्मित कराया गया था और इसकी शिल्पकारी इसे मन्दिरों का सरताज बनाती है। अन्य प्रसिद्ध मन्दिरों में अमृतेश्वर मन्दिर, काशीविश्वेश्वर मन्दिर और डोड्डा बपस्सा मन्दिर शामिल हैं।
कोप्पल विश्व धरोहर हम्पी और अनेगुडी के बहुत नजदीक है। अनेगुडी में मनमोहक चित्रकारी मिलती है जो नियोलिथिक काल से बची हुई हैं।
कोप्पल कैसे पहुँचें
कोप्पल रेल, बसों और उड़ानों से भलीभाँति जुड़ा है। हुबली का निकटतम हवाईअड्डा लगभग 100 किमी की दूरी पर है। यात्री बैंग्लोर के अन्तर्राष्ट्रीय हवाईअडडे से भी आ सकते हैं। कोप्पल का अपना रेलवेस्टेशन है जो पर्यटक स्थानों से लगभग 2.5 किमी की दूरी पर है। कोप्पल बस स्टेशन में विभिन्न इलाकों से दिन भर बसे आती रहती हैं।



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