कुशीनगर संग्रहालय को बुद्ध संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस संग्रहालय में भगवान बुद्ध के जीवन के हर पहलू पर प्रकाश डालते हुए कई चित्रों और सामानों को दर्शाया गया है। कुशीनगर में कुशीनगर संग्रहालय को 1992 - 1993 में बनाया गया था। इस शहर में न केवल भगवान बुद्ध ने उपदेश दिए और अपना शरीर त्यागा था, बल्कि उन्होने महापरिनिर्वाण भी हासिल किया था।
कुशीनगर संग्रहालय, सिटी बस स्टैंड से दक्षिण - पूर्व की दिशा में लगभग 1 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह संग्रहालय, महापरिनिर्वाण मंदिर से आधा किलोमीटर और कासिया बस स्टैंड से तीन किमी. की दूरी पर बना हुआ है। इस मंदिर की शहर में केंद्रीय स्थिति होने के कारण पर्यटक और तीर्थयात्री, यहां तक आसानी से पहुंच जाते है।
संग्रहालय में कुशीनगर और उसके आसपास के क्षेत्र से संबंधित समृद्ध इतिहास और संस्कृति का प्रदर्शन किया गया है इसमें कई पुरातात्विक चीजों को भी रखा गया है। इनमें विशेष रूप से बुद्ध भगवान से जुड़े आइटम रखे हैं जिनमें बुद्ध भगवान के प्रतीक, मूर्तियां, वास्तुकला के अवशेष, पीतल की मूर्तियां, बैनर चित्र या थंकस, क्ले सील, सिक्के, ईटें और कई अनूठी चीजें इनमें शामिल है।
दस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण यहां रखी भगवान बुद्ध की मूर्ति है जो ध्यान की मुद्रा में है। इस मूर्ति को गांधार कला विश्वविद्यालय के सिद्धांतों के हिसाब से बनाया गया है।



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