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होम » स्थल » कुशीनगर » आकर्षण
  • 01वाट थाई मंदिर

    वाट थाई मंदिर

    वाट थाई कुशानारा चालेरमराज मंदिर जिसे संक्षिप्‍त में वाट थाई मंदिर कहा जाता है, इसे भगवान बुद्ध के थाईलैंड के एक शिष्‍य ने उसके देश के राजा भूमिबोल अदुलयादेज की विलय की स्‍वर्ण जंयती के अवसर पर बनवाया था।  इस मंदिर का उद्घाटन सोमदेज फरा...

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  • 02चाइजीन मंदिर

    चाइजीन मंदिर

    चाइनीज मंदिर को लिन सुन चाइनीज मंदिर भी कहा जाता है जो कुशीनगर में निर्मित सबसे आधुनिक मंदिरों में से एक है। यह एक पहला बौद्ध स्‍मारक है जो लोगों का ध्‍यान बरबरस अपनी ओर आकर्षित करता है और इसे शहर के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है।

    यह मंदिर...

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  • 03कुबेर अष्‍टन

    कुबेर अष्‍टन

    हिंदूओं में भगवान कुबेर को पैसे के देवता के रूप में पूजा जाता है। धन के देवता होने के बावजूद कुबेर, भगवान शिव के भक्‍त थे। इस मंदिर को कुबेर अष्‍टन के नाम से जाना जाता है जो देवता को समर्पित है।  यह मंदिर, उत्‍तर प्रदेश में कुशीनगर से 21 किमी. की...

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  • 04मठ कौर श्राइन

    मठ कौर श्राइन

    मठ कौर श्राइन को स्‍थानीय रूप से भगवान बुद्ध की विशाल मूर्तियों का घर कहा जाता है जो परिनिर्वाण स्‍तुप और महापरिनिर्वाण मंदिर से 400 गज की दूरी पर स्थित है। इस श्राइन में स्थित मूर्ति 3.05 मीटर ऊंची और एक ही पत्‍थर से निर्मित है जिसे बिहार के गया...

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  • 05मेडीटेशन पार्क

    मेडीटेशन पार्क

    मेडीटेशन पार्क / ध्‍यान पार्क को जापानी मेडीटेशन पार्क भी कहा जाता है, क्‍योंकि इसे भारत में भारत और जापानी परियोजना के अंर्तगत 1992 - 1993 में छ: लाख रूपए की लागत से बनाया गया है। जैसा कि नाम से ही स्‍पष्‍ट है कि इस पार्क की स्‍थापना लोगों को...

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  • 06देवराह अष्‍टन

    देवराह अष्‍टन

    कुशीनगर, कई भारतीय समुदायों के लिए जैसे - हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों आदि के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्‍थल है। इसे एक पवित्र तीर्थस्‍थल के रूप में जाना जाता है क्‍योंकि इस पवित्र स्‍थल पर, भगवान महावीर और भगवान बुद्ध, दोनो ने ही निर्वाण...

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  • 07महापरिनिर्वाण मंदिर

    महापरिनिर्वाण मंदिर

    उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर में स्थित महापरिनिर्वाण मंदिर, पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर में भगवान बुद्ध की 6.1 मीटर ऊंची मूर्ति लेटी हुई मुद्रा में रखी है। यह मूर्ति उस काल को दर्शाती है जब 80 वर्ष की आयु में...

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  • 08निर्वाण स्तूप

    निर्वाण स्तूप

    निर्वाण स्तूप, निर्वाण चैत्‍य के नाम से भी लोकप्रिय है जो महापरिनिर्वाण मंदिर के पीछे स्थित है। दोनो मंदिर और 2.74 मीटर ऊंचा स्तूप, 15.81 मीटर की ऊंचाई वाले स्तूप  के साथ निर्मित किया गया है जिसमें एक गोलाकार आधार पर प्‍लेटफॉर्म बनाया गया है। ...

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  • 09सूर्य मंदिर

    सूर्य मंदिर

    सूर्य मंदिर, कासिया - तमकुही मार्ग पर स्थित है जिसे तुर्कपट्टी के नाम से जाना जाता है, यह स्‍थल कुशीनगर से 17 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का अस्तित्‍व प्राचीन काल के पुराणों, ग्रंथों आदि में मिलता है। यह काफी पुराना मंदिर है। सूर्य मंदिर के बारे...

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  • 10पवनांगर

    पवनांगर

    पवनांगर को पवनपुरी के नाम से भी जाना जाता है, यह स्‍थल भगवान महावीर की निर्वाण भूमि के रूप में लोकप्रिय है। यह राष्‍ट्रीय राजमार्ग 28 पर कुशीनगर से 22 किमी. पूर्व की दिशा में स्थित है।  इस शहर में बौद्ध और जैन दोनों संतों का साथ जुड़ा हुआ है। जैन...

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  • 11सिद्धुआ अष्‍टन

    सिद्धुआ अष्‍टन

    सिद्धुआ अष्‍टन, सिद्धनाथ नामक जगह पर स्थित है जो पड़रौना - तमकुही मार्ग पर 4 किमी. की दूरी पर स्थित है। सिद्धुआ अष्‍टन, वह स्‍थल है जहां संत बैठकर कई धार्मिक व आध्‍यात्मिक गतिविधियां करते है। अष्‍टन में भगवान हुनमान का मंदिर, देवी दुर्गा का...

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  • 12इंडो - जापान - श्रीलंका मंदिर

    इंडो - जापान - श्रीलंका मंदिर

    इंडो - जापान - श्रीलंका मंदिर, तीन देशों के बौद्ध अनुयायियों के सहयोग को इंगित करता है। वास्‍तव में इस मंदिर में भगवान बुद्ध की अष्‍ट धातु मूर्ति ( आठ धातुओं को मिलाकर बनाने वाली मूर्ति ) स्‍थापित है जिसे जापान से लाया गया था और इसके निर्माण के लिए...

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  • 13कुशीनगर संग्रहालय

    कुशीनगर संग्रहालय

    कुशीनगर संग्रहालय को बुद्ध संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है क्‍योंकि इस संग्रहालय में भगवान बुद्ध के जीवन के हर पहलू पर प्रकाश डालते हुए कई चित्रों और सामानों को दर्शाया गया है। कुशीनगर में कुशीनगर संग्रहालय को 1992 - 1993 में बनाया गया था। इस शहर में न...

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  • 14रामभर स्तूप

    रामभर स्तूप

    रामभर स्तूप को मुकुटबंधन - चैत्‍य या मुक्‍त - बंधन विहार के नाम से भी प्राचीन बौद्ध ग्रंथों में पुकारा गया है। यह स्‍तुप, निर्वाण मंदिर से दक्षिण - पूर्व की दिशा में लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  यह स्तूप , दुनिया भर के बौद्ध...

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  • 15कुरकुल्‍ला अष्‍टन

    कुरकुल्‍ला अष्‍टन

    कुरूकुल्‍ला अष्‍ठन, एक घने जंगल के बीच में एक नदी के किनारे पर कासिया - तमकुही मार्ग पर 8 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह अष्‍टन, आदि शक्ति कुरूकुल्‍ला देवी को समर्पित है जिन्‍हे मूल और प्रथम शक्ति माना जाता है। इस पवित्र जगह को नागार्जुन ने...

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