महेश्वर का अहिलेश्वर मन्दिर भगवान शिव को ही समर्पित एक अन्य मन्दिर है। यह मन्दिर पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। इस मन्दिर में भगवान राम की मूर्ति भी है। अहिलेश्वर मन्दिर भी महेश्वर के मन्दिरों के लक्षणों को प्रदर्शित करता है।
इस मन्दिर के गुम्बदों और...
मध्यप्रदेश के महेश्वर में 18वीं सदी में निर्मित होल्कर किला एक आश्चर्यजनक पर्यटक आकर्षण है। नर्मदा नदी के सुन्दर तट पर स्थित यह किला अहिल्या किला के रूप में भी प्रसिद्ध है। अहिल्या किला मालवा की तत्कालीन रानी अहिल्याबाई होल्कर का निवास था।
किला परिसर के...
काशी विश्वनाथ मन्दिर, महेश्वर की पावन धरती का एक और प्रसिद्ध मन्दिर है। यह भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग स्वरूप को समर्पित है। रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित यह मन्दिर अनोखी वास्तुकला और सुन्दरता प्रदर्शित करता है। ऐसा माना जाता है कि मन्दिर के अन्दर स्थित...
स्वाध्याय भवन आश्रम में हर साल सैकड़ों भक्त आते हैं। यह महेश्वर में हर साल होने वाली महामृत्युञ्जय रथ यात्रा के शुरुआती स्थान पर स्थित है। इस रथ यात्रा को प्रसिद्ध चिकित्सक आयुर्वेद मूर्ति भगवान सदाशिव महामृत्युञ्जय की याद में आयोजित किया जाता है।
यह रथ...
राष्ट्रीय राजमार्ग-3 से 17 किमी की दूरी पर स्थित कसरावाड़, महेश्वर के साथ-साथ अपने भिन्न और आकर्षक डिजाइनों वाली रंग-बिरंगी सूती साड़ियों के लिये जाना जाता है। मूल रूप से कसरावाड़ खरीददारी का केन्द्र है। कसरावाड़ स्थानीय शिल्पकला वाली बाजार के साथ तेजी से विकसित...
मण्डलेश्वर मध्यप्रदेश राज्य के खरगौन जिले में स्थित है। अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण यह कस्बा छोटा होने के बावजूद उल्लेखनीय है। मण्डलेश्वर पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। मण्डलेश्वर के आकर्षणों में काशी विशेश्वर, राम मन्दिर और गंगा-जीरा जैसे मन्दिर...
भगवान शिव को समर्पित तिलभन्देश्वर मन्दिर अपने सुन्दर दरवाजों और बाल्कनियों की वास्तुकला के लिये जाना जाता है। इस मन्दिर की सबसे भिन्न बात यह है कि मन्दिर के इष्टदेव की प्रतिमा निरन्तर बढ़ रही है। महाशिवरात्रि का पर्व मन्दिर परिसर के अन्दर मनाया जाता है और इस पर्व...
पवित्र नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर स्थित कालेश्वर मन्दिर 12वीं सदी का निर्मित मन्दिर है। मन्दिर में पूजे जाने वाले इष्टदेव को विनाश के देवता भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। अद्भुत कालेश्वर मन्दिर एक ऊँचे मंच पर होने के साथ-साथ चमकते लाल रंग में होने के कारण कुछ...
महेश्वर में स्थित जलेश्वर मन्दिर भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण मन्दिर है। मन्दिर में स्थापित इष्टदेव की पूजा जल के देवता के रूप में होती है। जलेश्वर मन्दिर को इस तथ्य को स्थापित करने के लिये निर्मित किया गया कि स्वर्ग से गंगा नदी के अवतरित होते समय पृथ्वी पर...
नर्मदा घाट होल्कर राज्य की तत्कालीन शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने 18वीं सदी में बनवाया था। ऐसा विश्वास है कि नर्मदा नदी भारत की सभी पावन नदियों में सबसे पवित्र है। ऐसी भी कहावतें हैं कि जब गंगा नदी अपने आप को मैला महसूस करती है तो वह एक काली गाय के वेश में आकर...
पण्डरीनाथ मन्दिर महेश्वर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मन्दिर है। अन्य मन्दिरों से अलग यह मन्दिर भगवान विष्णु को समर्पित है। स्थानीय लोगो के विश्वास अनुसार सावन के पवित्र हिन्दू महीने के कृष्ण पक्ष के 8वें दिन भगवान कृष्ण पण्डरीनाथ के रूप में अवतरित हुये थे। यह द्वापर...
राजराजेश्वर मन्दिर नर्मदा नदी के शान्त किनारे पर स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित कई मन्दिरों में से एक है। यह मन्दिर अहिलेश्वर मन्दिर के निकट स्थित है। अहिलेश्वर मन्दिर से एक सुन्दर पत्थर लगा रास्ता इस मन्दिर तक आता है। राजराजेश्वर मन्दिर से नर्मदा नदी के घाट पर...
महेश्वर घाट ऐसा स्थान हैं जो कभी भी खाली नहीं मिलता। पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित पेशवा, अहिल्या, फेनेस घाट, महेश्वर के प्रमुख घाट हैं। इन घाटों पर कई भक्त आते हैं जो घण्टों नदी के किनारे बैठ कर समय व्यतीत करते हैं। पवित्र नदी में डुबकी लगाना भक्तों के लिये...