बंगालपुखरी एक प्रसिद्ध जलाशय है, जो जोरहट में ना-अली के पास स्थित है। इस टैंक के निर्माण से एक रोचक घटना जुड़ी है जो जोरहट के लोगों को अब तक याद है।
1739 में रूपसिंह बंगाल ने अहोम के गवर्नर बदन बरफुकान ही हत्या कर दी। दरअसल बरफुकान एक तानाशाह था और बर्मा...
माजुली आने वाले पर्यटकों के बीच बोंगाउरी भी एक पसंदीदा जगह है। असम के इतिहास में अहोम वंश का विशेष स्थान है, जिन्होंने यहां 600 साल से ज्यादा समय तक शासन किया। बोंगाउरी में पाए जाने वाले छोटे-छोटे सतरों के बीच आप असम की समृद्ध धरोहरों की झलक देख सकते हैं।
...शमागुरी सात्रा, माजुली का एक आर्कषण है और असम के वैष्णव केंद्रों में से एक है। शमागुरी सात्रा में पर्यटकों को आकर्षित करने वाले दिलचस्प मुखौटा शिल्प और कलाकृतियों आदि देखने को मिलते है।
शमागुरी सात्रा को एक महत्वपूर्ण कला, संस्कृति...
माजुली से 110 किमी दूर स्थित चेतिया गांव उत्तरी लखिमपुर का एक चर्चित पर्यटन स्थल है। माजुली आने वाले पर्यटक चेतिया गांव भी जाते हैं और ब्रह्मपुत्र के बाद अमस की सबसे बड़ी नदी सुबनसिरि की खूबसूरती का आनंद उठाते हैं। यह जगह प्रकृतिप्रेमियों के लिए स्वर्ग है और यहां...
माजुली सतरों के लिए जाना जाता है और बेंगानाती एक प्रमुख सतरा है। यहां कई पुरानी चीजों का विस्तृत संकलन है, जिसका सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्व है। यहां एक उच्च श्रेणी का कला अभिनय केन्द्र भी है, जिसकी स्थापना श्रीमंत शंकरदेव की सौतेली मां के पोते मुरारीदेव ने...
दखिनपत सतरा माजुली का एक प्रसिद्ध सामाजिक-धार्मिक संस्था है। इसकी स्थापना वामशीगोपाल के अनुयायी ने किया था। यह कला और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है और यहां विभिन्न तरह की मूर्ति, पेंटिंग और नृत्य का प्रदर्शन किया जाता है। पहले यह सतरा अहोम वंश के राजाओं के...
औनियाती सतरा माजुली का एक प्रमुख सतरा है। इसकी स्थापना 1653 में निरंजन पाठकदेव ने की थी। यह सतरा पालनाम और अप्सरा नृत्य के लिए जाना जाता है। नवंबर में मनाया जाने वाला पालनाम सतरा का सबसे प्रमुख धार्मिक उत्सव है। सतरा के मुख्य प्रार्थना कक्ष में सुबह से शाम तक...
कमलाबारी माजुली का एक अहम और प्रतिष्ठित सतरा है। माजुली द्वीप नए वैष्णव धर्म के केन्द्र के रूप में जाना जाता है, जिसे श्रीमंत शंकरदेव ने बढ़ावा दिया था। असमिया में कमला का अर्थ होता है संतरा और बाड़ी का अर्थ होता है बागीचा। कमलाबाड़ी सतरा की स्थापना 1595 में...
तेंगापानिया, ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित एक प्रख्यात पिकनिक स्थल है। यह सुंदर पिकनिक स्पॉट माजुली के करीब स्थित है और ढाकुआखाना, माचखोआ और दिसानमुख से घिरा हुआ है। तेंगापानिया, हर साल भारी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। तेंगापानिया...