मोयर नदी भवानी नदी की सहायक नदियों में से एक है और मोयर शहर में उत्पन्न होकर मसीनागुडी-ऊटी रोड के साथ-साथ बहती है। यह मुदुमलाई अभ्यारण्य और बाँदीपुर के बीच में प्राकृतिक सीमा का कार्य करती है। कई जानवर इस नदी पर पानी पीने के लिये आते हैं इसलिये उन्हे यहाँ देखना...
मुदुमलाई और इसके आसपास जानवरों को देखने के कई स्थल हैं। प्यकारा झील के निकट स्थित मुख्य सड़का का पुल विभिन्न प्रकार के पक्षियों और जानवरों में विभेदन के लिये महत्वपूर्ण है। कलट्टी झरने और मोयर नदी पर अक्सर कई जानवर अपनी प्यास बुझाने के लिये आते हैं, इसलिये...
सन् 1972 में स्थापित थेप्पकाडू हाथी कैम्प यात्रियों को प्रकृति के सबसे बड़े स्थलीय जीव के साथ एक प्रतिबन्धित वातावरण में मिलने-जुलने का अवसर प्रदान करता है। थेप्पकाडू हाथी कैम्प में हाथियों को प्रशिक्षित किया जाता है और आजकल इस कैम्प में 23 हाथी रहते हैं। इस...
हाथी पोषण कैम्प के निकट एक संग्रहालय है। पिछले वर्षों में जो जानवर मुदुमलाई के जंगलों में विचरण किया करते थे उन्हें यहाँ संरक्षित किया गया है। पर्यटक संग्रहालय में इतिहास की एक झलका पा सकते हैं और जंगल के पूर्व बासिन्दों को संरक्षित रूप में तथा उनका आज का स्वरूप...