श्री राधवेंद्र स्वामी मठ को प्रितिका सनिधी भी कहा जाता है। इस मट में राधवेंद्र स्वामी की बड़ी सी प्रतिमा स्थापित की गई है। जो पुरे विश्व में उनकी एक मात्र प्रतिमा है। मोला परंपरा के अनुसरण करके 1836 - 61 तक रायर मट को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता था। यात्री यहाँ के पांच वृंदावन श्री सुजनेंद्र तीर्थ, श्री सुभोदेन्द्र तीर्थ, श्री सुप्रज्नेंद्र तीर्थ, श्री सुजनेंद्र तीर्थ और सुकुतेंद्र तीर्थ की समाधियों को देख सकते हैं।



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