होरानाडू  - जिसे मिला है प्रकृति से वरदान 

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होरानाडू की प्रसिद्धि का मुख्य कारण यहाँ का अद्भुत देवी अन्नापूर्नेश्वरी मंदिर है। जो लोग प्रकृति की असली महिमा देखना चाहते हैं, होरानाडू पहुंचकर वह अपनी इन्द्रियों को तृप्त कर सकते हैं। यह हरा भरा शहर, मनोहर मॉलनाद से 100 किलोमीटर दूर चिक्कमगलुर में बसा है। घने जंगल और उपजाऊ घाटी से ढके होने के कारण होरानाडू बेहतरीन लगता है। मंदिर के पीछे की कहावत

प्राकृतिक सुन्दरता के अलावा इस सोये हुए शहर को देखने पहुँचने का एक महत्वपूर्ण कारण है प्राचीन अन्नापूर्नेश्वरी मंदिर। यहाँ के देवता सोने के बने हैं और जो तीर्थयात्री यहाँ पूजा करते हैं यह मानते हैं कि उन्हें कभी जीवन में खाने की कमी नहीं होगी। कहावत के अनुसार जब भगवान शिव को एक बार अभिशाप मिला था, तो देवता के आशीर्वाद से अभिशाप को बदल दिया गया था। यह मंदिर इसलिए भी प्रसिद्द है क्योंकि यहाँ आये हर एक इंसान को खाने और सोने की जगह दी जाती है।

होरानाडू के आस पास के पर्यटक स्थल

होरानाडू पहुँचने पर आस पास के मंदिरों के दर्शन भी किये जा सकते हैं। सृन्गेरी यहाँ से सिर्फ 75 किलोमीटर दूर है। होरानाडू जाते समय कुछ मनोरंजक जगह जैसे धर्मस्थल और उडुपी कृष्ण मंदिर भी देखा जा सकता है।

कैसे जाएं होरानाडू

होरानाडू की दूरी बेंगलूरु से 330 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन शिमोगा है और यह इलाका सरकारी और स्थानीय बस सेवा से अच्छी तरह से जुड़ा है। निकटतम हवाईअड्डा मंगलौर है।

 

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