हिमाचल प्रदेश में भारी मानसून बारिश को देखते हुए 27 से 29 जुलाई तक 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के सात बड़े जिलों में बादल फटने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की चेतावनी दी है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे लैंडस्लाइड के खतरे वाले इलाकों से दूर रहें और सफर शुरू करने से पहले ट्रांसपोर्ट शेड्यूल जरूर चेक कर लें। खराब मौसम की इस चेतावनी का असर राज्य की मुख्य सड़कों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है।
यह अलर्ट अगले तीन दिनों के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, चंबा और कुल्लू जिलों में प्रभावी रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदियों के किनारे और ढलान वाली जगहों से दूर रहने की हिदायत दी है। लगातार बारिश से मिट्टी काफी गीली हो चुकी है, जिससे नेशनल हाईवे पर अचानक लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। इन जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यात्री सुरक्षित रहने के लिए कम ऊंचाई वाले इलाकों में रुकने का विकल्प चुन सकते हैं।

सड़कों के हालात और HRTC बस सेवा पर रखें नजर
हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) ने जानकारी दी है कि खराब मौसम की वजह से बस सेवाएं अचानक रद्द की जा सकती हैं या उनके रूट बदले जा सकते हैं। मंडी-पंडोह-औट और कुफरी-नारकंडा जैसे रास्तों पर सड़क बंद होने का सबसे ज्यादा खतरा है। सड़कों की ताजा स्थिति जानने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) की वेबसाइट चेक करते रहें। रात के समय सफर करने से बचें, क्योंकि अंधेरे में विजिबिलिटी कम हो जाती है और लैंडस्लाइड का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
कालका-शिमला रेलवे और IMD के 'नाउकास्ट' से लें अपडेट
कालका-शिमला टॉय ट्रेन के संचालन की जानकारी नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या 139 हेल्पलाइन नंबर के जरिए ली जा सकती है। पहाड़ों में भारी बारिश से अक्सर पटरियों पर मलबा आ जाता है, इसलिए पल-पल की खबर रखना जरूरी है। मौसम में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को जानने के लिए IMD की 'नाउकास्ट' सर्विस की मदद लें। इन टूल्स के इस्तेमाल से आप दुर्गम पहाड़ी इलाकों में फंसने से बच सकते हैं और अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं।
| जिला | खतरे का स्तर | मुख्य चिंता |
|---|---|---|
| शिमला | गंभीर | NH-5 पर लैंडस्लाइड का खतरा |
| कुल्लू | ज्यादा | ब्यास नदी का बढ़ता जलस्तर |
| मंडी | ज्यादा | पंडोह के पास सड़क जाम |
हिमाचल में सफर कर रहे या वहां जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। अपने पास हमेशा इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर और वाटरप्रूफ गियर तैयार रखें। सुरक्षित सफर के लिए सरकारी गाइडलाइंस और आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। किसी भी अनहोनी से बचने और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की घोषणाओं पर लगातार ध्यान दें।



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