रजत प्रपात पचमढ़ी का सबसे बड़ा प्रपात है। इसका नाम रजत प्रपात इसलिए पड़ा क्योंकि जब सूर्य की किरणें पानी पर पड़ती हैं तो यह चांदी की तरह चमकता है। रजत प्रपात का शाब्दिक अर्थ है “चांदी का प्रपात” क्योंकि हिंदी में रजत का अर्थ चांदी और प्रपात का अर्थ है पानी का झरना। यह 107 मीटर की ऊंचाई से गिरता है।
इसका आकार घोड़े की पूँछ की तरह है। रजत प्रपात को सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। यह अप्सरा विहार से मात्र 10 मिनिट की पैदल दूरी पर स्थित है।



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