Search
  • Follow NativePlanet
Share
होम » स्थल » पुरी » आकर्षण
  • 01पुरी कोणार्क मरीन ड्राइव

    पुरी कोणार्क मरीन ड्राइव

    पुरी कोणार्क मरीन एक 35 किमी लंबा सफर है जो पुरी और कोणार्क के धार्मिक स्थलों को जोड़ता है। इस सड़क मार्ग के दोनों ओर सुरम्य तटीय जंगल फैला है। पुरी कोणार्क मरीन ड्राइव पर कई तटीय रिसॉर्ट हैं। आप रास्ते में रुक कर रामचंड़ी मंदिर, पंच मुखी हनुमान मंदिर और...

    + अधिक पढ़ें
  • 02सतपदा ड़ॉल्फिन अभयारण्य

    सतपदा ड़ॉल्फिन अभयारण्य

    सतपदा ड़ॉल्फिन अभयारण्य ओड़िशा राज्य के पूर्वी दिशा में स्थित है और यह पुरी से 50 किलोमीटर दूर है। यह राज्य के सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है। सुंदर ड़ॉल्फिनों के साथ, आपको खूबसूरत सूर्योदय और सूर्यास्त को देखने का मौका भी मिलता है।

    केवल...

    + अधिक पढ़ें
  • 03बेड़ी हनुमान मंदिर

    बेड़ी हनुमान मंदिर

    नाम से पता चला है कि बेड़ी हनुमान मंदिर, जंजीर से बंधा एक हनुमान मंदिर है और समुद्र तट के निकट स्थित एक छोटा सा मंदिर है जो पुरी के चक्र नारायण मंदिर की पश्चिम दिशा की ओर बना है। इसे दरिया महावीर मंदिर भी कहा जाता है; दरिया का अर्थ है समुद्र और महावीर भगवान हनुमान...

    + अधिक पढ़ें
  • 04पुरी समुद्री तट

    पुरी का समुद्री तट, बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है और पुरी रेलवे स्टेशन से केवल 2 किलोमीटर की दूरी पर है। पुरी समुद्री तट शहर का एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है और इस तट को तैराकी के लिए आदर्श तथा भारत के सर्वश्रेष्ठ समुद्री तटों में से एक के रुप में माना जाता...

    + अधिक पढ़ें
  • 05रघुराजपुर

    रघुराजपुर को भारत के सांस्कृतिक नक्शे में एक विशेष स्थान दिया गया है। ओड़िशा के पुरी जिले का यह छोटा सा गांव अपने पट्टचित्र चित्रकारों के लिए जाना जाता है। प्रसिद्ध ओड़िशा नर्तक केलुचरण महापात्र इस प्रसिद्ध स्थान से है। यह गांव ऐसे शिल्पकारों को प्रदान करता है जो...

    + अधिक पढ़ें
  • 06गोवर्धन मठ

    गोवर्धन मठ

    आम तौर पर गोवर्धन मठ, भोगो वर्धन मठ के रूप में जाना जाता है। यह चार प्रमुख मठों में से एक है जिसकी स्थापना 8 वीं सदी में आदि शंकराचार्य ने की थी, इसका प्रमुख उद्देश्य सन्यासियों के विभिन्न समूहों को एक साथ लाना था। ऋग्वेद की कार्यभारी गोवर्धन मठ पर है। यह पुरी शहर...

    + अधिक पढ़ें
  • 07मौसीमां मंदिर

    मौसीमां मंदिर

    मौसीमां मंदिर, जगन्नाथ मंदिर और गुंड़िचा मंदिर के बीच पुरी के ग्रांड़ रोड़ पर स्थित हैं। देवी मौसीमां को अर्धासीनी भी कहा जाता है और मौसीमां भगवान जगन्नाथ की चाची की मां की बहन थी। माना जाता है कि जब इस शहर में बाढ़ आई तो देवी मौसीमां ने समुद्र के आधे पानी को पी...

    + अधिक पढ़ें
  • 08बलिघई तट

    बलिघई तट

    बलिघई बीच, पुरी से मात्र 8 किलोमीटर दूर, पुरी- कोणार्क मरीन ड्राइव सड़क मार्ग पर स्थित है। ओड़िशा का अनन्वेषित समुद्र तट देखने योग्य है। यहां आप नदी के शांत पानी को कठोर समुद्र के साथ मिलते देख सकते हैं। इस स्थान का जादुई वातावरण देश भर से सैलानियों को आकर्षित...

    + अधिक पढ़ें
  • 09पिप्ली

    पिप्ली

    पिप्ली भुवनेश्वर के पास स्थित एक छोटा सा गांव है। यह गांव मुख्य रूप से अपने हस्तशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध है। पिप्ली में हैंडबैग, छाते, जूते, कपड़े, दीवारों पर टंगी जाने वाली चीजें, तकियों के कवर, कुशन कवर, चादरें आदि विभिन्न वस्तुओं पर चमकदार और सुंदर पिप्ली...

    + अधिक पढ़ें
  • 10बलिहर चंड़ी मंदिर

    बलिहर चंड़ी मंदिर

    बलिहर चंड़ी मंदिर, देवी दुर्गा को समर्पित है और यह पुरी के दक्षिण पश्चिम दिशा में 27 किमी दूर स्थित है, जब आप ब्रह्मगिरि और सतपाद की ओर यात्रा करते हैं। यह सुंदर मंदिर समुद्र के निकट एक रेतीली पहाड़ी पर स्थित है। अतः भक्त देवी दुर्गा को देवी बलिहर के नाम के रुप...

    + अधिक पढ़ें
  • 11श्री लोकनाथ मंदिर

    श्री लोकनाथ मंदिर

    पुरी के जगन्नाथ मंदिर के बाद श्री लोकनाथ मंदिर दूसरा सबसे अधिक लोकप्रिय मंदिर है और विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर से सिर्फ 3 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और कहते हैं कि यह यहां के एक तलाब के नीचे था जहां भगवान शिव शनिदेव से छिपाकर बैठे थे।

    ...
    + अधिक पढ़ें
  • 12अलरनाथ मंदिर

    अलरनाथ मंदिर

    अलरनाथ मंदिर, पुरी से लगभग 25 किमी दूर ब्रह्मगिरि में स्थित है, यह भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है। यह माना जाता है कि सत्य युग के दौरान, एक पहाड़ी की चोटी पर भगवान ब्रह्मा भगवान विष्णु की पूजा करते थें, और उनसे खुश होकर उन्होंने उन्हें एक...

    + अधिक पढ़ें
  • 13श्री गुंड़िचा मंदिर

    श्री गुंड़िचा मंदिर

    श्री गुंड़िचा मंदिर पुरी बस स्टैंड़ के निकट गुंड़िचा चौराहे पर स्थित है। यह रथ यात्रा महोत्सव के लिए जाना जाता है। यह मंदिर गुड़िचा घर या गुंड़िचा मंदिर के रुप में भी जाना जाता है। जगन्नाथ मंदिर के बाद, पुरी का श्री गुड़िचा मंदिर ही भगवान जगन्नाथ का दूसरा सबसे...

    + अधिक पढ़ें
  • 14स्वर्गद्वार

    स्वर्गद्वार

    स्वर्गद्वार, पुरी में एक हिंदू श्मशान भूमि है। नाम से पता चलता है, कि इसे हिंदू धर्म के लोग स्वर्ग का प्रवेश द्वार मानते हैं। इस स्थान से जुड़ी विभिन्न पौराणिक कहानियों के कारण भारत भर से लोग स्वर्गद्वार को देखने आते हैं। कहते हैं कि जो व्यक्ति इस समुद्र पर या इस...

    + अधिक पढ़ें
  • 15सूर्य मंदिर

    सूर्य मंदिर

    कोणार्क का सूर्य मंदिर निहारने योग्य है। कोणार्क के बीचोंबीच स्थित, यह मंदिर ओड़िशा के मंदिरों की वास्तुकला का शिखर है। यह पत्थर में की गई शिल्पकारिता के सबसे आश्चर्यजनक कृतियों में से एक है। यह सूर्य मंदिर अपनी उत्कृष्ट संरचनात्मक रचनाओं के कारण दुनिया भर के...

    + अधिक पढ़ें
One Way
Return
From (Departure City)
To (Destination City)
Depart On
10 Mar,Tue
Return On
11 Mar,Wed
Travellers
1 Traveller(s)

Add Passenger

  • Adults(12+ YEARS)
    1
  • Childrens(2-12 YEARS)
    0
  • Infants(0-2 YEARS)
    0
Cabin Class
Economy

Choose a class

  • Economy
  • Business Class
  • Premium Economy
Check In
10 Mar,Tue
Check Out
11 Mar,Wed
Guests and Rooms
1 Person, 1 Room
Room 1
  • Guests
    2
Pickup Location
Drop Location
Depart On
10 Mar,Tue
Return On
11 Mar,Wed