वेदव्यास में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। इस खूबसूरत स्थान का महत्व तीर्थ के रूप में है। यह उस स्थान पर स्थित है, जहां पर काएल, शंख और सरस्वती नदी का पानी आपस में आकर मिलता है। इस कारण इस स्थान को त्रिधारा संगम के नाम से भी जाना जाता है।
राउरकेला से 9 किमी दूर स्थित इस जगह का विशेष ऐतिहासिक महत्व है। शिक्षा का गुरुकुल और वैदिक आश्रम व्यवस्था इस स्थान की खासियत है। पौराणिक कथाओं की माने तो महान महर्षि व्यास ने इसी स्थान पर महाभारत की रचना की थी। इससे पर्यटकों के बीच इस जगह का महत्व और भी बढ़ जाता है।
इस जगह को घूमने के दौरान आप व्यास गुफा का भी भ्रमण कर सकते हैं। गुफा तक पहुंचने के लिए आपको नाव का सहारा लेना पड़ेगा। पूरे साल के दौरान कभी भी वेदव्यास का भ्रमण किया जा सकता है।



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