गुरुद्वारा अकोई साहिब, संगरूर शहर से उत्तर की ओर 5 किमी की दूरी पर मलेरकोटला - संगरूर रोड पर अकोई गाँव में स्थित है। इस जगह का पहला दौरा पहले, छठे और नौवें सिख गुरुओं ने किया था जिनके नाम क्रमशः श्री गुरुनानक देव जी, श्री गुरु हरगोबिन्द साहिब जी और श्री गुरु तेग बहादुर जी थे।
इस स्थान के दौरे के वक्त श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने अपने घोड़े को करीर के पेड़ से बाँधा था जो अब तक यहाँ मौजूद है। गुरुद्वारे के मध्य में एक बड़ा सा गुंबद है जो चारों तरफ से छोटे-छोटे गुम्बदों से घिरा हुआ है। लगभग सभी गुरुद्वारे इसी तरह की वास्तुशिल्प कला को प्रदर्शित करते हैं।



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